अमृता देवी उद्यान धमाना का गोलिया

जालोर जिले के सांचोर तहसील मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर बाड़मेर रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर 50 बीघा राजकीय भूमि है| जिस पर भूमाफियाओ की नजर लगी हुई थी इस बात को भांपकर ग्राम धमाना का गोलिया के ग्राम निवासियों ने प्रकृति एवं वन्य जीवो की ठानी |ग्रामीणों ने मिलकर 26 मई 2011 ज्येष्ठ बदी अमावस्या के दिन एक विशाल रात्रि जागरण का आयोजन किया |

दुसरे दिन सुबह सामूहिक यज्ञ का आयोजन कर अमृतादेवी स्मृति जन सेवा संस्थान के नाम से संगठन बनाकर शुरुआत की गई| ग्रामीणों ने मिलकर बैठक में निर्णय लिया की उक्त भूमि पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जावे, ताकि उन वृक्षों से पर्यावरण सरंक्षण हो सके| उस समय से ही ग्रामीण प्रतिदिन निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे है|

5 जून 2011 को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया समर्पित भाव से सेवा कर रहे ग्रामीणों ने बहुत बड़े दल ने मिलकर 5 जून 2011 को एक कार्यक्रम आयोजित किया | ग्रामीणों ने मिलकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के साथ ही पांच हजार पोधे लगाये | जिसमे पानी सींचकर बराबर सेवा करते आ रहे है, पचास बीघा भूमि पर चारो तरफ तारबंदी करके उनकी सुरक्षा करते आ रहे है | विश्व पर्यावरण दिवस के दिन हजारो की संख्या में पर्यावरण प्रेमी इक्कठे हुवे और पर्यावरण सरक्षण की शपथ ली |

धार्मिक आयोजन जम्भ्सार कथा अमृतादेवी उद्यान धमाना में प्रथम जागरण एवं हवन ज्येष्ठ बदी अमावस्या 26 मई 2011 को करवाया गया | विक्रम संवत 2068 श्रावण मास में मुकाम पीठाधीस्वर आचार्य स्वामी रामानन्दजी द्वारा सात दिनों तक लगातार ज्म्भ्सार कथा का वाचन किया जिसमे आसपास के सभी गावों के श्रदालु बड़ी सख्या में पधार कर कथा का आनद लिया | कथा समापन पर रात्रि जागरण एवम सुबह को विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया |

5 जून 2012 विश्व पर्यावरण दिवस मनाया विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मुकाम पीठाधीस्वर आचार्य रामानन्दजी महाराज ने यज्ञ व पोधा रोपण से किया | विश्नोई समाज के आचार्य एवम शक्ति की प्रतिमूर्ति संत के रूप में महान विभूति श्री भागीरथ दास जी जाजीवाल धोरा ने अपने कर कमलों से राज्यवृक्ष खेजड़ी के 5 पोधे अपने हाथ से लगा कर पोधा रोपण किया, वहां पर सांचोर विधायक श्री सुखराम जी विश्नोई मोजूद थे| उद्यान में आसपास के गाँव डेडवा, डांगरा, जाखल, पालड़ी एवम करोला के पर्यावरण प्रेमी ने करीबन तीन हजार पोधे लगा डाले| इसी प्रकार 5 जून 2013 को भी पर्यावरण दिवस मनाया उस अवसर पर भी ग्रामीणों ने बड़ी सख्या में पोधा रोपण किया | अगली बार 5 जून 2013 को *“श्री जम्भेस्वर पर्यावरण एवम जीवरक्षा प्रदेश संस्था”* का तीसरा प्रांतीय अधिवेशन एवम स्थापना दिवस में पर्यावरण जीवरक्षा एवम नशा मुक्ति का भव्य आयोजन किया गया |

कार्यरत संस्थान अमृतादेवी जनसेवा संस्थान के नाम से संगठन बनाकर ग्रामीणों ने उसका पंजीयन 20 जून 2013 को करवाया, जिसके अध्यक्ष सुजाराम पंवार है और सचिव विंजाराम डूडी है| इन पदों का बेठको के निर्णय से बदलाव हो सकते है | उक्त उद्यान को संचालित करने के लिए जो भी सहयोग प्राप्त होता है उसका लेखाजोखा उक्त संस्थान के माध्यम से किया जाता है इस संस्था के पदाधिकारी एवम सदस्य समर्पित भाव से सेवा कर रहे है, जो उलेखनीय एवम अनुकरणीय कार्य है | उद्यान में वन्य जीव एवम पोधो की सेवा के लिए वर्तमान संस्था सेवक के रूप में सुजानाराम विश्नोई को रखा गया है जो निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे है|

वन्य जीवो की सेवा घायल वन्यजीवों का इलाज करने के लिए उक्त उद्यान में एक स्थान निर्धारित किया गया है जिसमे चारो तरफ सात फिट ऊँची जाली की तारबंदी है| जिसमे कुतो द्वरा घायल या अन्य बीमारी से घायल वन्यजीवों का इलाज किया जाता है | चिकत्सा के उपचार होने के बाद वन्यजीवों को उद्यान में ही रखकर उसकी सेवा कर रहे है ,वर्तमान में अमृतादेवी उद्यान धमाना में 350 हिरन, 20 खरगोश, 5 बन्दर आदि उपचराधिन है | विश्नोई समाज द्वरा अमृतादेवी उद्यान में वृक्षों के साथ साथ वन्यजीवों को भी पाला जा रहा है | उपखंड क्षेत्र में विभाग का रेस्क्यू सेंटर खुला नही होने पर विश्नोई समाज के लोगो द्वरा उद्यान में ही रेस्क्यू सेंटर को खोलकर वन्यजीवों की सेवा कर रहे है |

गोरतबल है की क्षेत्र में हर रोज हिरन, मोर सहित अन्य वन्यजीव सड़क हादसे, श्वानो के हमले, विधुत करंट सहित हादसों के शिकार हो जाते है, इसे में हादसों के शिकार वन्यजीवों को सीधा अमृतादेवी उद्यान धमाना में लाकर जम्भेस्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा प्रदेश संस्था के महामंत्री पीराराम जी धायल और ग्रामवासियों के द्वरा इलाज किया जाता है | वही, वन्यजीवों की सेवा में तत्पर कमेटी के सदस्य और ग्रामवासी सहयोग कर रहे है |
वही, कमेटी के महामंत्री पीराराम धायल वन्यजीवों के आते ही उद्यान में पहुंचकर उनका इलाज करते हैं, जिनको जोधपुर रेस्क्यू सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त है | उद्यान में चिकित्सा के साधन उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सो को बुलाया जाता है, चिकित्सा साम्रगी एवं दवाईया जन सहयोग से ली जाती है | चिकित्सा सेवा में शुरू से ही पीराराम जी धायल, भंवर लाल जी मांजू, प्रदीप मांजू और ग्रामवासियों का सराहीन्य योगदान है, परमात्मा इनका भला करे |
गत वर्ष चारे पिने का सहयोग किशनाराम जी कुराड़ा अरनाय के द्वरा की गई थी, यदि कोई भामाशाह वन्यजीवों के लिए सहयोग प्रदान करने के इछुक है वो अमेटादेवी देवी उद्यान धमाना कमेटी से सम्पर्क में रहे |

घायल हिरणों और वन्यजीवों के मसीहा है पीराराम धायल सांचोर के निकटवर्ती अमृतादेवी देवी उद्यान में हिरणों और वन्य जीवो की देखभाल व् इलाज करने वाले पीराराम धायल, जिन्होंने रेस्क्यू विभाग जोधपुर से मेडिकल प्रशिक्षण कर रखा है अब किसी भी समय वन्यजीवों कर साथ घटना घटित होने पर सुचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँच कर इलाज करते है, निस्वार्थ रूप से सेवा करने वाले पीराराम जी धायल आने जाने का खर्चा व् साम्रगी खुद वहन करते है | गत वर्ष सांचोर में आई बाढ़ के समय अमृतादेवी देवी उद्यान धमाना चारो तरफ पानी से घिर गया था, उस समय धमाना गोलिया के ग्रामवासी व् पीराराम जी उद्यान मे रहकर संकट समय में वन्यजीवों की सेवा करते रहे |
फिर उद्यान को सुचारू रूपं से चलाना शुरू किया ,वन्यजीवों को जम्भेस्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा प्रदेश संस्था के महामंत्री पीराराम जी व् उनकी कमेटी द्वरा सहयोग किया जाता है, वही संस्था के सरंक्षक संत सुखदेव जी मुनि उनका मार्गदर्शन करते है |

पक्षियों के लिए चुग्गा पानी उद्यान में एक बड़ा मैदान बनाया गया है जिसमे पक्षियों के लिए एक क्विटंल से अधिक चुग्गा डाला जाता है | बड़ी संख्या में पक्षी चुण चुगते है, उनके लिए पानी की व्यवस्था की गई है | उद्यान में लगाये गये पेड़ो अपना निवास बनाकर पक्षी निवास करते है | धर्मप्रेमी लोगो द्वरा चुग्गा दिया जाता है | वर्तमान में 100 बोरी चुग्गा स्टोक में है, चुग्गा रखने के लिए सोहन मंगला राम जी सारण जाखल द्वरा 2013 में भवन बनवाया गया था, जिसमे चुग्गा रखा गया है | पानी का टांका मोहन कुमार विश्नोई द्वरा बंनाया गया है |

उद्यान के लिए आर्थिक सहयोग अमृतादेवी देवी उद्यान धमाना में जो भी आवश्कता होती है, उसमे धमाना, डांगरा, जाखल, पालडी, डेडवा तथा अन्य आसपास के गाँवो के ग्रामीण आर्थिक सहयोग प्रदान करते है| उद्यान संचालन में वार्ड पञ्च, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य प्रधान, विधायक आदि जन प्रतिनिधि तथा पर्यावरण के प्रति समर्पित आमजन स्वेछा से योगदान दे रहे है, जिसके साथ उद्यान का निरतंर विकास हो रहा है| श्री जम्भेस्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा प्रदेश संस्था के अध्यक्ष हीरालाल जी गोदारा, सरंक्षक सुखदेव जी मुनि, महामंत्री पीराराम जी धायल व् उनकी कमेटी के सदस्यों उद्यान के विकास में जोरदार सहयोग दे रहे है | धमाना गोलिया के समस्त ग्रामवासी उद्यान के सहयोग में सबसे आगे रहते है |

वर्तमान स्थिति वर्तमान में अमृतादेवी देवी उद्यान धमाना में जीवित पोधो की संख्या 5400 के करीब है | ग्रामीणों ने पचास हजार पोधे लगाने का लक्ष्य बना रखा है, प्रत्येक माह की अमावस्या को सामूहिक हवन कर भगवान जम्भेस्वर की शब्द्वाणी का पाठ किया जाता है | प्रत्येक वर्ष पांच जून विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, और उस उपलक्ष में ग्रामीणों द्वारा वृक्षारोपण किया जाता है|
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए चारो तरफ तारबंदी की हुई है, अलग-अलग वन्यजीवों के लिए अलग-अलग व्यवस्था बनायीं हुई है | उद्यान में हिरणों के छोटे बछडो को दूध पिलाने के लिए गाय भी पाल रखी है| वन्यजीवों के चारे के लिए आसपास के गाँवो से चारा इक्कठा करते है, वर्तमान में 350 के लगभग हिरन है ,और वन्यजीवों में खरगोश, बंदर, मोर इत्यादी की सेवा की जाती है | उद्यान में हिरन व् वृक्षों के लिए पुरे ग्रामवासी हर समय तत्पर रहते है, किसी विशेष दिन के अवसर पर बैठक आयोजित की जाती है, जिसमे उद्यान संबधी समस्या प्रस्तुत कर उनका समाधान करते है| उद्यान में प्रतिदिन घायल हिरणों को लाया जाता है और उनका अच्छी तरह से इलाज करके स्वस्थ बनाया जाता है |

Narpat Bishnoi
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