डीओआईटी की ओर से प्रदेश में आधार सेवाओं को सुचारू बनाने के लिए एक साल पहले 10 करोड़ से खरीदे गए 500 से ज्यादा आधार नामांकन किटें डिब्बों में बंद हैं। ये किट 9 माह पहले जिलों में भेजी थीं, मगर संचालन के निर्देश नहीं मिलने और टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से अब तक धूल फांक रहे हैं। इधर, एक साल में 600 से अधिक ऑपरेटर्स के काम बंद हैं, इससे आधार की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। 2 लाख के आधार किट में लैपटॉप, ऑॅल इन वन प्रिंटर, फिंगर स्कैनर, रेटिना स्कैनर और वेब कैमरा शामिल हैं। ऑपरेटर्स की भर्ती करनी थी, जून में निकाला टेंडर अटका विभाग की ओर से इन-हाउस मॉडल पर नए आधार केंद्र शुरू करने के लिए जून 2026 में संचालकों के लिए टेंडर हुए, लेकिन अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इसके चलते मशीनों के संचालन, ऑपरेटरों की तैनाती और केंद्र शुरू करने की समय-सीमा को लेकर स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। मशीनों की तीन साल की वारंटी में से एक साल बीत चुका है। 1. संचालन की स्पष्ट नहीं: 500 से अधिक किट खरीदने पर 10 करोड़ से ज्यादा खर्च किए। इन मशीनों को चलाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है 2. पुराने केंद्र बंद, नए केंद्र शुरू होने का इंतजार: 600 से अधिक ऑपरेटरों का काम बंद हो गया। आधार में नाम, पता और जन्मतिथि में सुधार के लिए नागरिकों को उपलब्ध केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। 3. मशीनें बंद तो वारंटी का लाभ कैसे मिलेगा: मशीनों की तीन साल की वारंटी है। यदि मशीनें कई महीने तक इस्तेमाल में नहीं आईं, तो वारंटी अवधि का एक हिस्सा बिना संचालन के ही निकल रहा है। नए आधार सेंटर शुरू करने के लिए संचालकों के टेंडर प्रोसेस में है। जल्दी ही नई भर्तियां कर आधार सेंटर शुरू किए जाएंगे। राकेश कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक डीओआईटी आधार प्रोजेक्ट जयपुर राजस्थान आधार सेंटर शुरू करने के बारे में अभी कोई निर्देश नहीं है। इसके चलते मशीनें शुरू नहीं की गईं। -निकिता जैन, एसीपी, डीओआईटीसी, कलेक्ट्रेट जयपुर