फोरेंसिक साइंस लैब में प्रदेशभर के पेंडिंग पड़े 35 हजार से ज्यादा केसों के अब जल्द निपटने की आस बढ़ी है। एनएफएसयू के जयपुर कैंपस ने इस पेंडेंसी को कम करने के लिए क्रमिक रूप से केसों को खुद के क्षेत्राधिकार में लेकर समाधान की बात कही है। यदि ऐसा होता है तो जल्द ही एफएसएल से अरसे से पड़े ये केस अपनी मंजिल तक पहुंच जाएंगे। एनएफएसयू के कैंपस डायरेक्टर शंकर जुनारे ने बताया कि एफएसएल के साथ वे सेतु के रूप में काम करेंगे। यदि एफएसएल प्रशासन चाहे तो अपने अतिआवश्यक केसों में से सलेक्टेड केस हमें रेफर कर सकता है। ऐसा होने पर उन्हें जल्द से जल्द केस के रिजल्ट मिल सकेंगे। इसके लिए अधिकृत तौर पर एमओयू भी किया जा सकता है। फिलहाल बढ़ती पेंडेंसी के चलते कई बार कोर्ट की ओर से एफएसएल को फटकार भी पड़ चुकी है। कोर्ट में एफएसएल प्रशासन की ओर से जल्द आदेश की पालना करने का आश्वासन दिया जाता रहा है। जयपुर सहित राज्यभर की एफएसएल लेबों में काम का भारी दबाव है और प्रशासन लगातार नई भर्तियों के लिए भी सरकार पर दबाव बनाता रहा है।