चूरू देपालसर गांव के प्राचीन तारागढ़ी गणेश मंदिर में सोमवार को गणेश चतुर्थी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा, जिसमें चूरू शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से पहुंचे करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य गणेशजी के दरबार में हाजिरी लगाई। भक्तों में ऐसा उत्साह दिखा कि मंदिर परिसर से बाहर तक करीब एक किमी लंबी कतारें लग गई। मेले में आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और आयोजकों ने विशेष प्रबंध किए थे। गणेश सेवा समिति के अध्यक्ष बहादुरसिंह फगेड़िया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने व्यवस्था संभालने में अहम भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं और पुरुषों के प्रवेश हेतु अलग-अलग बैरिकेड्स लगाए गए। भीड़ और जाम की स्थिति से निपटने के लिए बड़े वाहनों को देपालसर की सीमा के बाहर ही रोक दिया गया। शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा मेले में चूरू के अलावा रतननगर, रतनगढ़, मेघसर, श्यामपुरा और बिसाऊ सहित गांवों और ढाणियों से लोग पहुंचे। मेले का मुख्य आकर्षण भगवान गणेश को अर्पित किया गया विशाल प्रसाद रहा। पुजारी सुनील गोस्वामी ने बताया कि सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। इसी समय गणेश सेवा समिति की ओर से तैयार किए गए 1151 किलो केसरिया लड्डू का पहला भोग लगाया गया। इससे पूर्व मंगलवार रात हुए जागरण कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। चूरू. देपालसर के तारागढ़ी गणेश मंदिर में भरे मेले में उमड़े श्रद्धालु