भारतीय संस्कृति, संस्कार और जीवन मूल्यों की झलक बिरला ऑडिटोरियम में देखने को मिली। स्कॉटल हाई स्कूल के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘आरोहण-2026’ का समापन विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। इस समारोह में अलग-अलग आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, मंचीय कौशल और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वार्षिकोत्सव की प्रस्तुतियों में भारतीय परंपराओं के साथ भगवद्गीता की शिक्षाओं और जीवन में उनके महत्व को भी केंद्र में रखा गया। समापन समारोह में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने ‘युगांतर- जर्नी थ्रू द एजेस विद द विजडम ऑफ गीता’ विषय पर प्रस्तुति दी। इसके माध्यम से भगवद्गीता के संदेशों और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता को दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए यह समझाने का प्रयास किया कि गीता में बताए गए कर्म, कर्तव्य और जीवन मूल्यों के सिद्धांत आज भी व्यक्ति के जीवन को दिशा दे सकते हैं। कार्यक्रम में द आईआईएस यूनिवर्सिटी, जयपुर के कुलपति प्रो. पी.जे. जॉन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शिक्षा के साथ संस्कार और जिम्मेदारी भी जरूरी विद्यालय के संस्थापक एवं निदेशक अभिमन्यु जाखड़ ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में सफलता हासिल करना नहीं है, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना और जीवन मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वार्षिकोत्सव की थीम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें नैतिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करने का प्रयास किया गया। अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए विषयों को रोचक और प्रभावी अंदाज में मंच पर पेश किया। वार्षिकोत्सव के पहले दिन कक्षा नर्सरी से दूसरी तक के विद्यार्थियों ने ‘द म्यूजियम ऑफ टाइमलेस वैल्यूज’ थीम पर प्रस्तुतियां दीं। छोटे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए संस्कारों और जीवन मूल्यों को दर्शाया। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के आईएल-76 भारी परिवहन विमान को उड़ाने वाली पहली महिला पायलट वीणा सहारण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। दूसरे दिन कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों ने ‘गार्जियंस ऑफ धर्मा एंड कर्मा’ विषय पर प्रस्तुतियां दीं। इसमें कर्तव्य, कर्म और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध हिंदी लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ मौजूद रहीं।