महाराजा अग्रसेन के 5150वें जन्मोत्सव पर रविवार को शहर में अग्रवाल समाज की शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों, सजे घोड़ों और महाराजा अग्रसेन के जयकारों के बीच निकली यात्रा में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। शोभायात्रा में समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई दी। सबसे आगे महाराजा अग्रसेन और माता माधवी की आकर्षक झांकी रही, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। सजे घोड़ों और झांकी के साथ निकली शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत श्री अग्रसेन जन्मोत्सव समिति के तत्वावधान में निकली शोभायात्रा में समाजजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बैंड की धुनों और ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच पूरा शहर अग्रसेन महाराज के जयकारों से गूंज उठा। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह स्वागत किया गया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया गया। युवाओं के साथ महिलाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह नजर आया। आयोजन के दौरान समाजजनों ने महाराजा अग्रसेन के बताए सेवा, सहयोग और समानता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। गोल प्याऊ पर गीत बजते ही झूम उठे समाजजन शोभायात्रा के दौरान गोल प्याऊ पर खास उत्साह देखने को मिला। यहां “हम अग्रसेन के वंशज, आगे ही बढ़ते जाएंगे” गीत की धुन बजते ही समाजजन झूम उठे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने सामूहिक नृत्य कर खुशी जाहिर की। गीत और जयकारों के बीच माहौल उत्सवमय हो गया और समाज की एकजुटता दिखाई दी। लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और महापुरुषों के विचारों से जोड़ते हैं। हवन-यज्ञ के साथ शुरू हुआ जन्मोत्सव इससे पहले भगवान श्री अग्रसेन जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हवन-यज्ञ के साथ हुई। समाजजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और समाज कल्याण की कामना की। इस दौरान महाराजा अग्रसेन के जीवन और उनके सिद्धांतों को याद किया गया। समाजजनों ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने हमेशा समानता, सहयोग और सेवा को महत्व दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा है। शोभायात्रा ने दिया एकता और संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव की शोभायात्रा ने शहर में सामाजिक एकता और संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया। आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को एक साथ जोड़ने का माध्यम बनते हैं। पूरे आयोजन के दौरान अग्रवाल समाज में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। भव्य शोभायात्रा के साथ जन्मोत्सव कार्यक्रम का समापन हुआ।