बैंकॉक से मुंबई आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 2338 को एक यात्री के हंगामे के चलते लौटना पड़ा। विमान ने बुधवार रात 8:20 बजे बैंकॉक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। इसके बाद यात्री के अजीब व्यवहार के कारण पायलट ने विमान को वापस ले जाने का फैसला किया। विमान रात 10:40 बजे बैंकॉक एयरपोर्ट पर उतर गया। विमान में सवार एक यात्री ने भास्कर को बताया कि विमान में सवार एक भारतीय यात्री अजीब तरीके से पेश आ रहा था और हंगामा कर रहा था। हालात को देखते हुए पायलट ने घोषणा की कि विमान को वापस बैंकॉक ले जाया जा रहा है। विमान के बैंकॉक में उतरने के बाद मेडिकल टीम पहुंची और यात्री को अपने साथ ले गई। फिलहाल यात्री के इस तरह व्यवहार करने की वजह और उसकी तबीयत के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। इसके 45 मिनट बाद फ्लाइट ने बैंकॉक से मुंबई के लिए उड़ान भरी। एअर इंडिया की ओर से भी घटना पर आधिकारिक बयान नहीं आया है। फ्लाइट में हंगामा करने वाले यात्री को लेने पहुंची मेडिकल टीम, 3 तस्वीरें… बैंकॉक में फ्लाइट में हंगामा करने पर क्या सजा? विमान में हंगामा करने वाले यात्री पर उसके व्यवहार के हिसाब से कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अगर यात्री क्रू के निर्देश नहीं मानता, किसी को धमकी देता है या विमान की सुरक्षा में बाधा डालता है, तो मामला गंभीर हो सकता है। ऐसी स्थिति में पायलट को विमान वापस ले जाने का फैसला भी लेना पड़ सकता है। विमान में होने वाले अपराधों से निपटने के लिए 1963 में टोक्यो कन्वेंशन हुआ था। यह अंतरराष्ट्रीय समझौता विमान के अंदर अपराध या अनुशासन बिगाड़ने वाली घटनाओं से जुड़े अधिकारों और जिम्मेदारियों को तय करता है। 8 सितंबर- दुबई-जयपुर फ्लाइट में यात्री ने इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की 8 सितंबर को दुबई से जयपुर आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में एक यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट गेट खोलने की कोशिश की थी। क्रू मेंबर ने उसे रोक लिया था। जयपुर एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया था। यह घटना फ्लाइट नंबर IX-196 में हुई थी। यात्री की हरकत से विमान में हड़कंप मच गया था। क्रू मेंबर ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे रोका था। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… दुनिया में पहली बार ड्रोन से घायल सैनिक का रेस्क्यू:यूक्रेनी सैनिक डेढ़ साल से बॉर्डर पर फंसा था, चारों तरफ बारूदी सुरंगें बिछी थीं दुनिया में पहली बार एक घायल सैनिक का ड्रोन से रेस्क्यू किया गया। कोस्त्यांतिन व्लासेंको नाम का यूक्रेनी सैनिक 491 दिनों से सीमा पर फंसा हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…