अजमेर में प्लास्टिक स्क्रैप खरीदने के लिए ऑनलाइन सर्च करना एक युवक को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने फर्जी फर्म का नाम, GST नंबर, टैक्स इनवॉयस और ट्रांसपोर्ट की बिल्टी भेजकर युवक से करीब 2.35 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। रुपए देने के बाद भी स्क्रैप नहीं पहुंचा और आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिए गए। पीड़ित ने साइबर थाना अजमेर में मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पीड़ित शैलेन्द्र सिंह राठौड़ ने रिपोर्ट में बताया कि उसने इंस्टा मार्ट ऐप पर प्लास्टिक स्क्रैप की तलाश की थी। इसके बाद एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर संपर्क किया गया। सामने वाले ने खुद को भोपाल की एनएस प्लास्टिक इंडस्ट्रीज से बताया और 6 टन प्लास्टिक स्क्रैप उपलब्ध कराने की बात कही। पहले 25 हजार टोकन मनी ली पीड़ित ने बताया कि उसने 10 अगस्त को आरोपियों के बताए अनुसार 15 हजार और 10 हजार रुपए, कुल 25 हजार रुपए टोकन मनी के रूप में ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपी ने 2,33,640 रुपए का टैक्स इनवॉयस भेज दिया। इसके बाद 11 और 12 अगस्त को अलग-अलग किस्तों में कुल 2.35 लाख रुपए QR कोड, UPI आईडी और बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए। इनमें से 1.60 लाख रुपए यस बैंक के खाते में जमा किए गए। ट्रांसपोर्ट की बिल्टी भेजकर भरोसा दिलाया रिपोर्ट के मुताबिक भुगतान के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट की बिल्टी भेजी। इसमें वाहन नंबर भी RJ 14 GL 3264 लिखा था। बिल्टी मिलने से पीड़ित को माल भेजे जाने का भरोसा हुआ, लेकिन इसके बावजूद स्क्रैप की डिलीवरी नहीं हुई। कई बार संपर्क करने के बाद भी आरोपी से बात नहीं हुई। ठगी का अंदेशा होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 24 अगस्त को साइबर थाना अजमेर में रिपोर्ट दी गई।