अजमेर शहर में साइबर ठगों ने करीब 4 लाख 72 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने RTO चालान और वेदांता हॉस्पिटल के नाम पर APK लिंक भेजा। इसके बाद खातों से रुपए निकाल लिए। कृष्णगंज थाना पुलिस ने दोनों मामलों में जीरो FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। RTO ई-चालान के लिंक पर क्लिक करते ही उड़े 2.40 लाख शहर के बालाजी नगर, माकड़वाली रोड निवासी रमेश भख्तियापुरी (55) ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 30 सितंबर 2026 को उसके मोबाइल पर RTO E-Challan से संबंधित एक लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल पर मैसेज आया। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत बैंक से संपर्क कर बचत खाते को फ्रीज करवा दिया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद भी बैंक की भारी लापरवाही सामने आई। 3 अक्टूबर को उसकी लोन की किश्त कटनी थी। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि किश्त सीधे लोन खाते में जमा करनी होगी। 5 अक्टूबर को बैंक ने लोन खाते में किश्त जमा कर ली, लेकिन उसी दिन बैंक ने गलती से फ्रीज किए गए बचत खाते से भी किश्त के पैसे काट लिए। 5 अक्टूबर को पीड़ित ने शाखा में जाकर शिकायत की तो पंचशील नगर शाखा ने आश्वासन दिया कि खाता पूरी तरह सुरक्षित है और ब्लॉक होने के बाद फ्रॉड की कोई संभावना नहीं है। लेकिन साइबर ठगों ने 6 अक्टूबर 2026 को दोपहर 14:42 से 14:59 बजे के बीच उसके ICICI बैंक खाता संख्या पंचशील नगर शाखा से 6 बार में कुल 2,40,485 रुपये निकाल लिए। वेदांता हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट के नाम पर 2.32 लाख की ठगी आनासागर लिंक रोड, अजमेर निवासी राजेन्द्र माथुर (75) साइबर ठगी का शिकार हुए। उन्होंने रिपोर्ट दी कि 30 सितंबर 2026 को उन्होंने मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल गुड़गांव में अपनी पत्नी को दिखाने के लिए टेलीफोन से 3.55 PM पर अपॉइंटमेंट लिया। कुछ समय बाद 4.02 PM पर उनके पास एक नंबर से कॉल आया। इसमें बताया कि डॉक्टर का अपॉइंटमेंट टोकन नंबर से मिलेगा, इसके लिए APK फाइल भेजी जा रही है और 5 रुपए पेटीएम करने होंगे। पेटीएम करने की कोशिश की लेकिन नहीं हुआ। ठग ने कहा कि आधार कार्ड व्हाट्सऐप कर दो, भुगतान करवा देता हूं। इस पर APK फाइल को हॉस्पिटल का समझकर आधार कार्ड और आया हुआ OTP दे दिया। इसके बाद ठगों ने उनके खाते से 98 हजार, 34 हजार और एक लाख रुपए यानि कुल 2,32,000 रुपए निकाल लिए। शक होने पर खाता लॉक कर दिया गया। बाद में खाता खुलवाने पर पता चला कि साइबर फ्रॉड से पैसे निकले हैं। पुलिस ने जीरो नम्बर एफआईआर दर्ज कर जांच हैड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार को सौंपी है। ……. पढें ये खबर भी…. अजमेर-बदमाशों ने प्लान बदल कारोबारी के घर की थी लूट:पहले IT को सूचना देकर इनाम लेने का प्लान था, फिर अफसर बनकर घर में घुसे अजमेर जिले के नसीराबाद में कारोबारी के घर IT अफसर बनकर 3 करोड़ की लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने पहले इनकम टैक्स विभाग को सूचना देकर ईनाम की राशि लेने का प्लान बनाया था, लेकिन बाद में खुद ही फर्जी अफसर बनकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों को 3 घंटे में पकड़ लिया। पूरी खबर पढें