अजमेर में पुलिस ने सोमवार को एक और बांग्लादेशी नागरिक को डिटेन किया। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दरगाह क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। जिला पुलिस की यह 27वीं कार्रवाई है। साथ ही जिले में अब तक डिटेन किए गए अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या 61 हो गई है। पुलिस के अनुसार- पकड़ा गया व्यक्ति करीब 25 साल पहले भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पार कर पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह अलग-अलग राज्यों में रहा और कुछ समय से महाराष्ट्र में था। पूछताछ में उसकी पहचान गुलाम मुस्तफा (52) पुत्र नजीर हुसैन निवासी मुगलहाट लालमुनिहाट बांग्लादेश के रूप में हुई। करीब तीन महीने पहले गुलाम मुस्तफा वापस अजमेर आकर दरगाह क्षेत्र में रहने लगा था। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे डिटेन कर सुरक्षा एजेंसियों के जरिए पूछताछ शुरू की है। दरगाह बाजार से अंदरकोट तक संदिग्धों पर नजर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशानुसार- दरगाह और आसपास के संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए निगरानी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत पुलिस और सीआईडी जोन की संयुक्त टीम ने दरगाह बाजार, अंदरकोट, तारागढ़ रोड, झालरा ऊपर और लाखन कोटड़ी क्षेत्र में संदिग्धों पर नजर रखी। किराने की दुकान पर किया काम, फिर कई राज्यों में रहा थाना प्रभारी दिनेश जीवनानी ने बताया- पूछताछ में गुलाम मुस्तफा ने बताया कि वह करीब 25 साल पहले बॉर्डर पार कर अवैध रूप से पश्चिम बंगाल पहुंचा था। वहां उसने कुछ साल तक किराने की दुकान पर काम किया। इसके बाद वह ट्रेन से अजमेर आया। यहां रहने के बाद वह दिल्ली, उत्तराखंड के हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र समेत अलग-अलग राज्यों में रहा। पुलिस के मुताबिक- उसने इन राज्यों में खानाबदोश की तरह समय बिताया। करीब तीन महीने पहले वह महाराष्ट्र से दोबारा अजमेर आया और दरगाह क्षेत्र में रहने लगा। वैध दस्तावेज नहीं मिले, सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ पुलिस ने बताया- जांच के दौरान गुलाम मुस्तफा के पास भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद उसे डिटेन कर लिया गया। अब सुरक्षा एजेंसियां उससे भारत में प्रवेश करने, अलग-अलग राज्यों में रहने और अजमेर लौटने से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही हैं। पुलिस अभियान के तहत दरगाह और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।