अजमेर नगर निगम चुनाव में पार्षद बनने को लेकर पार्टी व निर्दलीय उम्मीदवारों में खासा उत्साह है। भाजपा ने जहां अब तक मिले आवेदनों में वार्ड वार तीन-तीन उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर लिया है। वहीं कांग्रेस दावेदारों के मिले आवेदनों की स्क्रूटनी कर रही है और आज देर रात तक पैनल फाइनल कर देगी। नगर निगम के 80 पार्षदों के लिए बीजेपी और कांग्रेस में एक-एक हजार से ज्यादा आवेदन मिले हैं। बीजेपी ने पैनल में नाम शामिल करने के लिए वार्ड स्तर पर बनाई गई कमेटी की राय व जिताऊ कैंडिडेट्स को प्रायोरिटी दी है। वहीं कांग्रेस भी जिताऊ व पार्टी के प्रति निष्ठावान उम्मीदवार को टिकट देने की रणनीति बना रही है। भाजपा की पहली लिस्ट 28 अगस्त को आने की सम्भावना है। वहीं कांग्रेस की पहली लिस्ट 27 अगस्त को भी आ सकती है। हालाकिं दोनों ही दलों की पहली प्राथमिकता है कि एक दूसरे के कैंडिडेट्स देखकर ही नामों को अंतिम रूप दिया जाए। दोनों ही पार्टियों की लिस्ट प्रदेश स्तर से जारी होगी। भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन हुए भाजपा का अजमेर में उत्तर व दक्षिण विधानसभा में कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ। अजमेर दक्षिण का सम्मेलन आदर्श नगर में हुआ। यहां चुनाव प्रभारी मोहनलाल गुप्ता, दक्षिण विधायक अनिता भदेल, शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी सहित क्षेत्र के कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हुए। इसी प्रकार अजमेर उत्तर का सम्मेलन विजय लक्ष्मी पार्क में हुआ। जहां चुनाव प्रभारी मोहनलाल गुप्ता, उत्तर से विधायक व विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी सहित भाजपा पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस से पूर्व में पार्षद का चुनाव लड़ चुके दीपक जैन और मोनिका जैन ने भाजपा जॉइन की। कांग्रेस की अजमेर विकास यात्रा 27 को शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 27 अगस्त को 'अजमेर विकास यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कार्यालय (ज्योतिबा फुले सर्किल) से प्रारंभ होकर पूरे शहर से होकर गुजरेगी। पार्टी के अनुसार विकास यात्रा के माध्यम से नगर निगम में भाजपा के 36 साल के इतिहास और कामकाज को जनता के सामने उजागर किया जाएगा। पार्टी की ओर से एक ब्लैक पेपर जारी किया जाएगा, जिसमें स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के घोटालों, भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों का भंडाफोड़ किया जाएगा। पिछले 36 सालों में हर बार भाजपा पार्षद ज्यादा जीते अजमेर में पिछले चुनावों में अब तक भाजपा का दबदबा रहा है। पिछले 35 सालों में 6 बार भाजपा व 1 बार कांग्रेस का मुखिया बना। खास बात ये है कि इन सालों में हर बार जीतने वाले भाजपा पार्षदों की संख्या ज्यादा रही। कांग्रेस का एक बार मुखिया बना और वो भी साल 2010 में, जब पहली बार जनता ने मुखिया चुना, लेकिन बोर्ड में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस पार्षदों की संख्या कम रही। जानिए-चुनाव का पूरा कार्यक्रम पार्षद के लिए दो चरण में कब-कहां वोटिंग ………. पढें ये खबर भी… भाजपा छोड़ चुके पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत का फिर वीडियो:बोले- 13 पत्रावलियों का दोष सिर्फ मेरे सिर क्यों; देवनानी पर भी लगाए आरोप भाजपा छोड़ चुके अजमेर पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने एक बार फिर वीडियो जारी कर 13 पत्रावलियों से जुड़े मामले में अपनी बात रखी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस प्रकरण में उन्हें अकेले कैसे दोषी ठहराया जा सकता है, जबकि प्रक्रिया में अन्य स्तरों की भी भूमिका रही। वीडियो में गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर भी आरोप लगाए और मामले को लेकर कई सवाल खड़े किए। पूरी खबर पढें