अजमेर के सराधना में एक नर्सिंग स्कूल पर छात्र-छात्राओं ने फर्जीवाड़े और दोहरी फीस वसूली के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को नर्सिंग स्टूडेंट्स कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। छात्रों का आरोप है कि सराधना में संचालित स्कूल में उन्होंने दो साल की फीस करीब 60 हजार रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से जमा कराई थी। बाद में स्कूल के सील होने के बाद उन्हें कायड़ स्थित संस्थान में पढ़ाई जारी रखनी पड़ी। अब कायड़ में उनसे सेकेंड ईयर की फीस दोबारा मांगी जा रही है। छात्रों का कहना है कि दोबारा फीस जमा नहीं कराने पर उनके ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स रोकने की बात कही जा रही है। इससे उनका भविष्य प्रभावित होने का डर है। तीन कमरों के भवन में चल रहा था स्कूल, CMHO ने किया सील छात्रों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि सराधना गांव में तीन कमरों के किराए के भवन में राजस्थान हॉस्पिटल स्कूल ऑफ नर्सिंग का संचालन किया जा रहा था। उनके अनुसार, संस्थान के संचालन को लेकर सरकारी अनुमति और मान्यता से जुड़ी स्थिति स्पष्ट नहीं थी। छात्रों का आरोप है कि उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। राज्य सरकार ने 3 मई 2024 को संस्थान का अधिकृत पता बदलकर एमडीएस यूनिवर्सिटी मार्ग, नवीन मेडिकल कॉलेज के पीछे, आदित्य भवन, कायड़, अजमेर किया था। इसके बावजूद सराधना में छात्रों को पढ़ाया जाता रहा। बाद में CMHO अजमेर की ओर से कार्रवाई करते हुए सराधना स्थित संस्थान को सील कर दिया गया। फीस वापसी मांगी तो संचालकों के फोन बंद होने का आरोप स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल सील होने के बाद उन्होंने सराधना में जमा कराई गई फीस वापस मांगी। आरोप है कि महेंद्र सिंह, मोहन राम खोजा और शशिपाल कुमावत ने फीस लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। छात्रों का कहना है कि मामले की शिकायत पुलिस से भी की गई, लेकिन अब तक फीस वापस नहीं मिली है। कायड़ में सेकंड ईयर की फीस फिर मांगने का आरोप स्टूडेंट्स का आरोप है कि अब कायड़ स्थित संस्थान के संचालक हेमराज चंडालिया की ओर से सेकंड ईयर की करीब 60 हजार रुपए फीस दोबारा जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि पहले ही फीस जमा कर चुके हैं, ऐसे में दोबारा इतनी बड़ी राशि देना उनके लिए संभव नहीं है। उनका आरोप है कि फीस जमा नहीं करने पर ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स रोकने की बात कही जा रही है। छात्रों की मांग- फीस वापस मिले, डॉक्यूमेंट्स दिलाए जाएं स्टूडेंट्स ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने, सराधना में कथित रूप से अवैध तरीके से संस्थान संचालित करने वाले महेंद्र सिंह, मोहन राम खोजा और शशिपाल कुमावत के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही पहले जमा कराई गई फीस वापस दिलाने और कायड़ संस्थान में रोके गए ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स तत्काल दिलाने की मांग की गई है।