अजमेर के वैशाली नगर स्थित ईदगाह चौराहे पर शुक्रवार को रेलवे की चोरी की संपत्ति बरामद करने पहुंची RPF टीम के सामने हंगामा हो गया। RPF टीम पूर्व में रेलवे की संपत्ति चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपी बादल की निशानदेही पर ईदगाह रोड स्थित कबाड़ी निजाम की दुकान पर पहुंची थी। टीम ने निजाम को भी चोरी का माल खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को दोनों की मौजूदगी में दुकान से चोरी का माल बरामद किया जा रहा था। इसी दौरान निजाम के परिजन और आसपास के लोग मौके पर जुट गए और RPF टीम का घेराव कर विरोध शुरू कर दिया। आरपीएफ थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे की संपत्ति चोरी होने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान बादल नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि उसने चोरी का माल ईदगाह रोड निवासी एक कबाड़ी को बेचा था। शुक्रवार को आरपीएफ टीम चोरी का माल बरामद करने के लिए कबाड़ी के यहां पहुंची थी, इसी दौरान परिजनों ने हंगामा किया। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। मामले में जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सब इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पहुंची थी टीम RPF सब इंस्पेक्टर रीना कुमारी के नेतृत्व में एएसआई सुरेंद्र सिंह सहित जवान मौके पर पहुंचे थे। टीम दुकान से रेलवे की चोरी की संपत्ति बरामद करने की कार्रवाई कर रही थी। इस दौरान चोरी के आरोपी बादल और चोरी का माल खरीदने के आरोपी कबाड़ी निजाम भी मौके पर मौजूद थे। कार्रवाई की जानकारी मिलने पर निजाम के परिजन और क्षेत्र के लोग वहां एकत्र हो गए और RPF के खिलाफ विरोध जताने लगे। कबाड़ी की पत्नी गाड़ी के आगे लेटी, कृष्णगंज थाना पुलिस ने संभाला मोर्चा विरोध बढ़ने पर कृष्णगंज थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। RPF अधिकारी जब आरोपी निजाम और बादल को गाड़ी में बैठाकर ले जाने लगे तो निजाम की पत्नी सहित अन्य परिजन गाड़ी के सामने आ गए। उन्होंने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान निजाम की पत्नी गाड़ी के आगे सड़क पर लेट गई। पुलिस ने समझाइश कर मामला शांत कराया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। परिजनों का आरोप- 50 हजार रुपए लिए, फिर भी दो दिन से हिरासत में रखा हंगामे के दौरान निजाम के परिजनों ने RPF अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप था कि निजाम को छोड़ने के लिए उससे 50 हजार रुपए लिए गए, इसके बावजूद उसे दो दिन तक हिरासत में रखा गया और छोड़ा नहीं गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शुक्रवार को RPF की टीम चोरी का माल खुद कट्टे में भरकर दुकान पर लेकर आई और बाद में उसी माल को दुकान से बरामद करना दिखाया जा रहा है। कमिश्नर बोले- जांच करवाएंगे RPF कमिश्नर योगेंद्र कुमार ने बताया कि टीम चोरी का माल रिकवर करने गई थी। मौके पर हंगामा हुआ था। उन्होंने कहा कि मामले को एक बार चेक करवाकर जांच कराई जाएगी। (फोटो वीडियो सहयोग नजीर कादरी)