अलवर नगर परिषद में सभापति के पिछली बार साल 2019 में हुए चुनाव में शहर के बीजेपी के तत्कालीन पार्षद दंपती सुमन-सीताराम चौधरी की बातचीत के ऑडियो ने खलबली मचा दी थी। वहीं इस बार नगर निगम अलवर के मेयर के चुनाव के दौरान पार्षद प्रत्याशी सुमन चौधरी ने सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट डालकर बीजेपी में भूचाल ला दिया। सुमन चौधरी ने खुद के वार्ड 23 और पति सीताराम चौधरी के वार्ड 28 की हार का ठीकरा बीजेपी के दो पूर्व जिलाध्यक्ष (पं. धर्मवीर शर्मा और संजय नरूका) व जिला प्रवक्ता दीपक पंडित पर फोड़ दिया। पोस्ट में लिखा कि इन्हें घर के जीमने के प्रोग्राम में नहीं बुलाया, इसलिए इन्होंने वार्ड 23 औश्र 28 को हराने में जी-तोड़ मेहनत की। यह पोस्ट डालने के कुछ मिनट बाद उसे डिलीट भी कर दिया गया। पूर्व पार्षद सुमन चौधरी ने कहा- मैंने यह पोस्ट नहीं डाली। चुनाव के समय एक युवक को सोशल नेटवर्क चलाने के लिए काम पर रखा था। उसने गलती से डाल दी, जिसे तुरंत हटा दिया गया। लोगों ने पोस्ट के लिए स्क्रीन शॉट्स पूर्व पार्षद सुमन चौधरी ने सोशल प्लेटफॉर्म पर बीजेपी के दो पूर्व जिलाध्यक्ष पं. धर्मवीर शर्मा, संजय नरूका और जिला प्रवक्ता दीपक पंडित का फोटो लगाकर लिखा कि बीजेपी के इन नेताओं ने वार्ड 23 और 28 को हराने के लिए जी-तोड़ महेनत की है। कारण ये रहा कि घर के पर्सनल प्रोग्राम में जीमने नहीं बुलाया था। यह पोस्ट डालने के करीब 15 मिनट बाद में उसे डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक कई लोगों ने इस पोस्ट का स्क्रीन शॉट ले लिया। पिछले चुनाव में ऑडियो हुआ था वायरल नगर परिषद सभापति के पिछली बार साल 2019 में हुए चुनाव से पहले जीते हुए पार्षदों की बाड़बंदी चल रही थी। उसके बीच में सीताराम और सुमन चौधरी की बातचीत का एक ऑडियो सामने आया था। इसमें दोनों बातचीत कर रहे थे। इसमें क्रॉस वोटिंग होने का संदेह होने का जिक्र किया गया था। कुछ लेन-देन का शक भी सामने आया था। इसके बाद जब चुनाव हुए तब बीजेपी के प्रत्याशी की बुरी तरह हार हुई थी। बीजेपी के कई पार्षदों ने कई वोट क्रॉस डाले, जिसके कारण बीजेपी का सभापति का प्रत्याशी हार गया था।