अलवर में नगर निगम मेयर चुनाव के 10 दिन बाद ही वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और मेयर के बीच की नाराजगी नजर आई। दरअसल, गांधी जयंती पर शुक्रवार सुबह संजय शर्मा नगर निगम पहुंचे थे। लेकिन प्रोटोकॉल में मेयर सुमनलता व कमिश्नर लक्ष्मीकांत कटारा नहीं दिखे। दावा किया जा रहा है कि इसी कारण वो नाराज हो गए थे। शर्मा ने अकेले ही महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। वे जाने लगे तो मेयर के पति अजय अग्रवाल उन्हें रोकने के लिए कार के पीछे दौड़े, लेकिन मंत्री नहीं रुके। हालांकि, मंत्री ने किसी भी तरह की नाराजगी से इनकार किया है। वहीं, अजय अग्रवाल का कहना है कि हो सकता है उनका आगे कोई कार्यक्रम हो, इसलिए निकल गए हों। सबसे पहले देखिए- घटना से जुड़े PHOTOS सफाई कर्मचारियों को सम्मानित कर रहे थे मेयर और कमिश्नर गांधी जयंती के मौके नगर निगम ऑफिस में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया जा रहा था। मेयर और कमिश्नर इसी कार्यक्रम में मौजूद थे। जब वन मंत्री निगम ऑफिस पहुंचे तो उन्हें गेट पर कोई नजर नहीं आया। उनकी नाराजगी का दूसरा कारण सफाईकर्मियों को नियुक्ति पत्र देने के बावजूद जॉइनिंग नहीं देना भी बताया जा रहा है। उन्होंने मेयर और कमिश्नर से भी मुलाकात नहीं की। मंत्री को आवाज दी, दौड़े, लेकिन नहीं रुके मंत्री को जाता देख अजय अग्रवाल ने मंत्री के निजी सचिव जले सिंह को रुकने के लिए आवाज दी। लेकिन मंत्री की कार तेजी से आगे निकल गई। अग्रवाल उनके पीछे भागे भी, लेकिन कार निकल गई। कार्यक्रम में डिप्टी मेयर अजय पूनिया भी नहीं थे। पहले भी विवादों में रहे हैं संजय शर्मा कलेक्टर के खिलाफ दिया था धरना नगर निगम के चुनाव से पहले भी वन राज्य मंत्री संजय शर्मा निगम परिसर में धरने पर बैठे थे। तब उनकी मांग थी कि 327 सफाईकर्मियों को नियुक्ति दी जाए। धरने के बाद कुल 30 सफाईकर्मियों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए, लेकिन उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। जबकि मंत्री ने सफाईकर्मी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन दिया था।पूरी खबर पढ़िए… कर्मचारी नहीं मिलने पर जताई थी नाराजगी करीब 9 महीने पहले संजय शर्मा तत्कालीन सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा पर भी भड़क गए थे। वे सीकर में सेवा शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन कैंम्प में अधिकारी-कर्मचारियों की खाली कुर्सी देख भड़क गए थे। उन्होंने कलेक्टर से कहा था- आपकी मर्जी हो उस तरह से इस सीकर जिले को और यहां के सेवा शिविरों को चलाइए, मैं जा रहा हूं। पूरी खबर पढ़िए…