तेरापंथ सभा भवन आमेट में पर्युषण महापर्व का सातवां दिन ध्यान दिवस के रूप में मनाया गया। यह आयोजन युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के दिशा-निर्देशानुसार हुआ। इसमें उपासक प्रवक्ता गणेशलाल मेहता और सुभाष सामोता (नाथद्वारा) मौजूद रहे। इस मौके पर तपस्वी वैशाली श्रीश्रीमाल ने 8 और दिव्या श्रीश्रीमाल ने 9 की तपस्या की। उन्होंने आत्मसाधना के जरिए यह तपस्या पूरी की। उपासक प्रवक्ता गणेशलाल मेहता ने भगवान पारसनाथ की जीवनी पर बात की। उन्होंने तप, त्याग, संयम और साधना के महत्व को समझाया। वहीं, सुभाष सामोता ने ध्यान की उपयोगिता और आध्यात्मिक जीवन में उसकी भूमिका पर विस्तार से बताया। उन्होंने एक गीतिका के जरिए तप की महिमा का वर्णन किया और तपस्वियों के तप की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत महिला मंडल के मंगलाचरण से हुई। प्रेक्षा वाहिनी संवाहक रेणु छाजेड़ ने प्रेक्षा गीत गाया। उन्होंने मौजूद श्रावक-श्राविकाओं को ध्यान का अभ्यास भी करवाया। तपस्वियों के तप की सराहना करने वालों में तेरापंथ सभा अध्यक्ष यशवंत कुमार चोरड़िया, मोतीलाल डांगी, गौरव श्रीश्रीमाल और पवन कच्छारा शामिल थे। महिला मंडल मंत्री संगीता चंडालिया सहित महिला मंडल और कन्या मंडल के सदस्यों ने भी गीतिका और भाषणों के जरिए तप की सराहना की। महिला मंडल के पदाधिकारियों ने तपस्वियों का सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री ज्ञानेश्वर मेहता ने किया। सभी श्रावक-श्राविकाओं ने खुशी और जयघोष के साथ तपस्वियों के तप की सराहना की। कार्यक्रम की जानकारी प्रतिनिधि पवन कच्छारा ने दी।