बांसवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB ) ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट के लिपिक ग्रेड प्रथम (रीडर) और एक होमगार्ड ड्राइवर को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता को लेन-देने के मामले में पहले ही जमानत मिल गई थी, लेकिन फिर भी दोनों ने उसे डराने की कोशिश की और कहा- तुम्हारी जमानत खारिज हो जाएगी और जबरदस्ती पैसे मांगे। पहले 1 लाख रुपए मांगे थे, बाद में 70 हजार में डील हुई थी। ​यह था पूरा मामला एसीबी की बांसवाड़ा टीम को शिकायतकर्ता ने बताया- कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उसकी जमानत खारिज न कराने, विचाराधीन मुकदमे में सजा न दिलवाने और केस में मदद करने की एवज में कोर्ट के रीडर और होमगार्ड ड्राइवर ने उनसे 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के दौरान 70 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें से 30 हजार रुपये आरोपियों ने 8-9 तारीख को पहले ही ले लिए थे। शिकायत मिलने के बाद 11 अक्टूबर 2026 को एसीबी ने इसका वेरिफिकेशन कराया था। जिसके दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के रीडर संदीप कुमार नानावटी और उसके दलाल राहुल चंदेल के जरिए 40,000 रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इस दौरान आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 'खर्चे-पानी' के नाम पर 2,000 रुपये पहले ही ले लिए थे। ​रंगे हाथों दबोचा गया दलाल ​सोमवार को एसीबी उदयपुर रेंज के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन और बांसवाड़ा इकाई के डीएसपी रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप की कार्रवाई की गई। ​टीम ने जाल बिछाकर अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां तैनात होमगार्ड चालक राहुल चंदेल को रीडर संदीप कुमार नानावटी के लिए परिवादी से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। वहीं, इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता व भूमिका होने के कारण रीडर संदीप कुमार नानावटी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ​घर और पर तलाशी जारी ​एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस परिमला के निर्देशन में दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, एसीबी की टीमों ने आरोपी रीडर और ड्राइवर के ठिकानों पर तलाशी भी ली है।