बारां जिले में सब्सिडी वाली खाद की कालाबाजारी रोकने और बांटने में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर कार्यालय के आदेश के अनुसार, जयपुर कृषि आयुक्तालय के निर्देश पर जिले में फार्मर आईडी प्रणाली लागू की गई है। पिछले 15 दिनों में ऑनलाइन खाद बांटने को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर ने सभी थोक और खुदरा खाद बेचने वालों को निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि एफएफएसएप से ऑनलाइन बुकिंग पर मिलने वाले क्यूआर कोड के आधार पर किसान से आधार कार्ड और जमीन की नकल लेने के बाद ही खाद दें। विक्रेताओं को इसका रिकॉर्ड भी रखने को कहा गया है। अगर कोई किसान जमीन की नकल और आधार कार्ड नहीं दे पाता है, तो उसे खाद नहीं दी जाए। किसानों से अपील की गई है कि वे राजस्व विभाग की फार्मर आईडी में दर्ज जमीन के खसरे के हिसाब से ही खाद का ई-टोकन बुक करें। साथ ही, बिना जरूरत के खाद न खरीदें और न ही जमा करें। कलेक्टर ने यह भी साफ किया है कि 1 अक्टूबर से रबी फसलों के लिए खाद की बुकिंग शुरू होगी। इसलिए किसानों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।