बारां में हाड़ौती अंचल का 18 दिवसीय प्रसिद्ध डोल मेला चल रहा है। जलझूलनी एकादशी पर 54 से ज्यादा देव विमानों की शोभायात्रा व जलवा पूजन के साथ यह मेला शुरू हुआ। दूर-दूर से लोग इसे देखने आ रहे हैं। मेला ग्राउंड में दिनभर चहल-पहल रहती है, शाम होते ही भीड़ बढ़ जाती है। बच्चों और युवाओं में झूलों को लेकर खासा उत्साह है। ब्रेक डांस, जायंट व्हील और ड्रैगन झूले पर लोग खूब भीड़ लगा रहे हैं। खाने-पीने और खिलौनों की दुकानों पर कतारें हैं। महिला कलाकारों ने फिल्मी गानों पर किया परफॉर्म हालांकि, मेले के धार्मिक स्वरूप पर सवाल उठ रहे हैं। रविवार रात नगर परिषद के सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिला कलाकारों ने फिल्मी गानों पर प्रस्तुतियां दीं। इसे देखने काफी भीड़ जुटी। स्थानीय लोगों के अनुसार, डोल मेला आस्था और परंपरा का प्रतीक है। वे भजन संध्या और राधा-कृष्ण की लीलाओं वाले कार्यक्रम चाहते हैं। फिल्मी गानों से मेले की धार्मिक गरिमा पर सवाल उठ रहे हैं। यह मेला राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के लिए भी आस्था का केंद्र है, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।