बारां में डीएपी और यूरिया खाद की कमी व कालाबाजारी के खिलाफ शुक्रवार को नरेश मीणा आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक किसानों की खाद की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने पंचायत चुनावों में थर्ड फ्रंट के तहत उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया। नरेश मीणा ने खाद संकट के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अंता विधायक प्रमोद जैन भाया को जिम्मेदार ठहराया। इससे पहले नरेश मीणा झालावाड़ के कामखेड़ा बालाजी धाम से हजारों समर्थकों के साथ बाइक रैली के रूप में बारां पहुंचे। रैली में युवाओं के हाथ में झाड़ू थी। वे नारेबाजी कर रहे थे। आरोप है कि सरकारी समितियों पर खाद नहीं मिल रहा है, जबकि खुले बाजार में महंगे दामों पर इसकी कालाबाजारी हो रही है। इससे रबी की फसल बुवाई के समय किसान परेशान है। जरूरत 25 कट्‌टों की, मिल रहे 5 कट्‌टे नरेश मीणा ने कहा- कोई किसान 50 बीघा का जागीदार है और उसको 25 कट्‌टे खाद की आवश्यकता है तो 5 कट्‌टे में कैसे काम चलेगा। अगर कहीं से कट्‌टे मिलने की सूचना आती है तो सबसे पहले कट्‌टा लेने जाना, यहां अनशन में रहना जरूरी नहीं है। किसानों की एक-एक समस्या का समाधान होने तक जारी रहेगा अनशन नरेश मीणा ने कहा- यह अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक बारां के किसानों की एक-एक समस्या का समाधान नहीं हो जाए। एक बार मैंने जयपुर में छात्रों के लिए 9 दिन का आमरण अनशन किया था। उसके बाद पिपलोदी के बच्चों के लिए 15 दिन का अनशन किया था। अब किसानों के लिए अनशन पर बैठा हूं। अटरू प्रधान वंदना नागर और उनके पति रामेश्वर नागर ने नरेश मीणा को समर्थन दिया। धरने में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी शामिल हुए। इधर, जिला प्रशासन ने खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। गुढ़ा बोले- एसपी और कलेक्टर जनता के नौकर पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कहा- एसपी और कलेक्टर जनता के नौकर हैं, ये राजा न बनें। आने वाले समय में इनको अपनी औकात दिखाएंगे। हमारे टैक्स से इनकी तनख्वाह आती है और ये अपने आप को राजा समझते हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर भी हमला बोला, कहा- जनता ने जिसको राजा बनाया वे व्यापारी बन गया।