अपहरण, बाल तस्करी और जबरन भीख मंगवाना गंभीर अपराध हैं। तस्करी के शिकार बच्चों से शहरों में भीख मंगवाई जाती है और कई बार उनका इस्तेमाल अवैध व गलत कामों में किया जाता है, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो जाता है। बच्चों को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए उन्हें अजनबियों से सतर्क रहने और खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचने की जरूरत है। यह बात जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण टेलर ने मंगलवार को निजी स्कूल में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में कही। छोटी गलती पड़ सकती है भारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ के तहत आयोजित शिविर की थीम ‘स्ट्रेंजर डेंजर: नो-गो-टेल’ रही। न्यायाधीश टेलर ने बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि छोटी सी गलती भी उन्हें मुश्किल में डाल सकती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी अनजान व्यक्ति की बातों या गतिविधियों पर भरोसा न करें और किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर तुरंत भीड़ वाली जगह पर चले जाएं। खतरा लगे तो तुरंत अभिभावक-शिक्षक को बताएं न्यायाधीश ने बच्चों को किसी भी संदिग्ध घटना या परेशानी की जानकारी तत्काल अपने अभिभावक या शिक्षक को देने के लिए कहा। उन्होंने स्कूल आने-जाने के रास्ते पर विशेष ध्यान रखने और अपनी रोज की गतिविधियों की डायरी बनाने की सलाह भी दी, ताकि किसी असामान्य घटना या बदलाव की पहचान समय रहते की जा सके। ये हेल्पलाइन नंबर जरूर याद रखें शिविर में बच्चों को आपात स्थिति में मदद लेने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी बताए गए। न्यायाधीश ने पुलिस हेल्पलाइन 100 और 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और रालसा हेल्पलाइन 15100 याद रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खतरा महसूस होने पर बिना देर किए इन नंबरों पर सहायता ली जानी चाहिए। बाल अपराधों और कानूनी अधिकारों की जानकारी न्यायाधीश टेलर ने बच्चों को अपहरण, बाल श्रम, किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ मुफ्त कानूनी सहायता की व्यवस्था के बारे में भी बताया। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद विधिक जागरूकता शिविर में न्यायिक कर्मचारी मुकेश सेन और राहुल गौतम भी मौजूद रहे।