बाड़मेर नगर परिषद में भाजपा 15 साल का वनवास खत्म करते हुए बोर्ड बनाने जा रही है। बीजेपी 55 वार्डो में 29 पार्षद जीतें है। वहीं 5 निर्दलीय में दो को बीजेपी को समर्थन पहले से है। नगर परिषद की सामान्य ओपन सीट आरक्षित है। अब चैयरमैन की दौड़ में कैलाश कोटड़िया, गौतम जैन और गंगाविशन प्रबल दावेदार माने जा रहे है। 55 वार्डो में 51454 मतदाताओं ने वोटिंग की। इसमें से बीजेपी को 22597 और कांग्रेस को 20537, निर्दलीय को 7339 और आरएलपी को 507 वोट मिले है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत के वोटों का अंतर 2060 रहा है। RSS पृष्ठभूमि के गौतम जैन वार्ड संख्या 15 से जीते गौतम जैन नाकोड़ा के ट्रस्टी है। जैन आरएसएस पृष्ठभूमि से आते है। पेट्रोल पंप और प्रॉपटी व्यापारी है। लंबे समय से भाई पारस जैन के साथ आरएसएस से जुड़े है। चुनाव से पहले ही गौतम ने बीजेपी का दुपट्टा पहना था। वार्ड संख्या 15 से चुनाव लड़ा है। इनके पिता हस्तीमल बाड़मेर के बड़े सेठ में माने जाते है। लंबे समय से बीजेपी के पदाधिकारी कैलाश कोटड़िया कैलाश कोटडिया लंबे से समय से बीजेपी से जुड़े हुए है। वहीं एक बार पहले चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए थे। लेकिन इस बार मजबूती से 13 नंबर वार्ड से दावेदारी कर चुनाव लड़ा। जनता का समर्थन मिलेन से जीत गए। कैलाश कोटडिया ज्वैलर्स शॉ रूम है। वहीं जैन समाज के साथ अन्य समाजों में मदद करते रहे है। बीजेपी से करीब 20 सालों से जुड़े है। गंगाविशन 30 सालों से शहर की पॉलिटिक्स में एक्टिव वार्ड संख्या 31 से जीते गंगाविशन बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता है। बाड़मेर शहर में बीते 35 सालों से शहर की पॉलिटिक्स में एक्टिव है। दो बार पार्षद रह चुके है। इस बार तीसरी पर पार्षद बने है। वर्तमान में जिला उपाध्यक्ष के पद पर है। वहीं शहर के नगर अध्यक्ष, युवा मोर्चा में अलग-अलग पद पर रहे चुके है। अग्रवाल समाज में बड़ा चेहरे नामों में है। चर्चाएं और हॉट सीट पर बीजेपी रही विजयी बाड़मेर के वार्ड संख्या 13 काफी चर्चाओं में रही। यहां पर बीजेपी से व्यापारी कैलाश कोटड़िया और कांग्रेस से व्यापारी जितेंद्र श्रीश्रीमाल के बीच मुकाबला था। दोनों जैन समाज के होने से काफी चर्चाओं में रही। वोटिंग के समय पोलिंग बूथ पर हंगामा भी हुआ। एक-दूसरे के समर्थकों ने आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। यह सीट इस वजह से भी चर्चा थी कि कैलाश कोटड़िया बीजेपी से सभापति के दावेदार माने जा रहे थे। इसी तरह वार्ड संख्या 15 में दो जैन और व्यापारी होने के साथ पूर्व विधायक के रिश्तेदार होने से चर्चा में थी। कांग्रेस से कपिल पूर्व विधायक मेवाराम जैन के रिश्तेदार थे। वहीं बीजेपी से गौतम कांग्रेस नेता मांगीलाल वडेरा के रिश्तेदार थे। इस सीट पर बीजेपी ने कांग्रेस को हराकर जीत हासिल की। पूर्व सभापति की सीट पर थी सबकी नजर बाड़मेर के पूर्व सभापति दीपक माली खुद वार्ड 19 नंबर से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं इनके सामने चार बार के पार्षद और माली समाज के जिलाध्यक्ष दमाराम माली चुनावी मैदान में थे। दोनों एक ही समाज के होने और दिग्गज होने की वजह से चर्चा में थी।