कस्बे में मंगलवार शाम देव झूलनी एकादशी पर देवताओं के स्नान के लिए रेवाड़ी निकाली गई। ग्रामीण गाजे-बाजे के साथ देवताओं को पालकी में बैठाकर राठेला तालाब तक ले गए। वहां पूजा के बाद तालाब के पानी में विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद देवताओं को पालकी में वापस मंदिर लाया गया। मंत्रोच्चार के बीच देवताओं को मंदिरों में स्थापित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।