घर से 621 किलोमीटर दूर पिता मिले तो बेटियां और बेटा उनसे लिपटकर रोने लगे। घरवाले 3 साल से पिता के लौटने का इंतजार थे। दरअसल, शुक्रवार को जलालपुर(उत्तर प्रदेश) से भरतपुर के अपना घर आश्रम में पिता रामबाबू (70) को लेने पहुंचे परिवार के लोग फूट-फूटकर रोए। तीन साल से परिवार से दूर रह रहे रामबाबू को उनके परिजनों से मिलाया गया। बेटे और बेटियों के साथ बहू और पोता भी उन्हें लेने पहुंचा। कागजी कार्रवाई कर परिवार के लोग रामबाबू को लेकर घर के लिए रवाना हो गए। इलाज के लिए घर से निकले, फिर नहीं लौटे अपना घर आश्रम के सचिव नरेंद्र तिवारी ने बताया कि रामबाबू गांव से इलाज कराने अलीगढ़ गए थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। परिवार ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बेटे राजू ने अलीगढ़(उत्तर प्रदेश) पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 2023 में किया था रेस्क्यू 15 जून 2023 को रामबाबू को भरतपुर की अटलबंद पुलिस ने हीरादास इलाके से रेस्क्यू किया था और उन्हें अपना घर आश्रम पहुंचाया। आश्रम में उनका इलाज और देखभाल की गई। धीरे-धीरे तबीयत में सुधार हुआ तो रामबाबू ने आश्रम प्रबंधन को अपने परिवार और गांव के बारे में जानकारी दी। रामबाबू की जानकारी के आधार पर परिवार से संपर्क करने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयास के बाद परिजनों से संपर्क हो गया। पिता के जिंदा होने की खबर मिलते ही बेटियां सुशीला और शीतल, बेटा राजू और उसकी पत्नी रिकेश अपने बेटे के साथ अपना घर आश्रम पहुंच गए। बेटा राजू मुंबई में रहता है और वहीं नौकरी करता है। ये खबर भी पढ़िए… घर से 2000KM दूर बेटे से मिली मां,दोनों फूट-फूटकर रोए:2015 में घर से निकल गई थी महिला, बेटा बोला- गम में पिता का निधन हुआ असम से 10 साल पहले गुम हुई महिला घर से 2000 किमी दूर भरतपुर के अपना आश्रम में मिली। शनिवार को बेटा लेने पहुंचा। मां- बेटे गले लगकर फूट-फूटकर रोए। यह देख वहां मौजूद स्टाफ की आंखें भर आईं। बेटा शाम को मां के साथ असम लिए रवाना हुआ। पूरी खबर पढ़िए