भरतपुर नगर निगम में मेयर की कुर्सी का गणित रोचक हो गया है। 65 वार्डों में भाजपा ने 20 और कांग्रेस ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी 36 वार्डों में जीते हैं। बसपा और RLP को भी 1-1 सीट मिली है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए निर्दलीयों के समर्थन के बिना मेयर बनाना मुश्किल है। पिछली बार कांग्रेस का बोर्ड था, लेकिन इस बार निर्दलीयों के साथ मिलकर भाजपा बोर्ड बनाने की कोशिश कर सकती है। सूत्रों की मानें तो भाजपा के जीते हुए पार्षदों समेत करीब 40 और कांग्रेस के करीब 20 पार्षद बाड़ेबंदी में हैं। ऐसे में मेयर पद के लिए बहुमत जुटाने की कवायद तेज हो गई है। इस बीच मेयर पद के कई चर्चित दावेदार पार्षद का चुनाव ही हार गए हैं। अब निर्दलीय खेमे में पूर्व मेयर शिव सिंह भौंट की पत्नी विचित्रा सिंह, भाजपा की निशा अग्रवाल और लक्ष्मी फौजदार जैसे नामों को लेकर चर्चा है। वहीं पूर्व डिप्टी मेयर की पत्नी मीना कुमारी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता की पत्नी कल्पना कौशिक और मेयर पद की दावेदार मानी जा रहीं कुसुमलता की हार से मेयर चुनाव के समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं। पढ़िए… चुनावी समीकरण 36 निर्दलीय जीते, मेयर बनाने में इनकी भूमिका अहम मेयर बनाने में निर्दलीयों की भूमिका अहम रहेगी। बिना निर्दलीय पार्षदों के बीजेपी और कांग्रेस मेयर पद के लिए दावेदारी नहीं कर सकतीं। मेयर पद के कई दावेदार माने जा रहे प्रत्याशी पार्षद का चुनाव ही हार गए हैं। अब मेयर पद के लिए जो दावेदार हो सकते हैं, वे बाड़ेबंदी में शामिल हैं और वहां अपना बहुमत जुटाने में लगे हैं। कुछ प्रत्याशियों के मुताबिक बीजेपी के पास 40 से ज्यादा जीते हुए प्रत्याशी और कांग्रेस के पास करीब 20 जीते हुए प्रत्याशी बताए जा रहे हैं। पूर्व मेयर की पत्नी विचित्रा सिंह के नाम पर भी चर्चा पूर्व मेयर शिव सिंह भौंट की पत्नी विचित्रा सिंह को मेयर पद का दावेदार माना जा रहा है। विचित्रा सिंह वार्ड नंबर 17 से निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं और जीत दर्ज की। अभी शिव सिंह भौंट और उनकी पत्नी कांग्रेस के खेमे में हैं। ऐसे में अगर विचित्रा सिंह मेयर पद के लिए दावेदारी करती हैं तो यह देखना होगा कि वह किस पार्टी को चुनती हैं। वार्ड 17 से कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था, जबकि बीजेपी ने पूर्व पार्षद विमलेश कुमारी को टिकट दिया था। वहीं शिव सिंह भौंट वार्ड नंबर 19 से चुनाव लड़े थे, लेकिन बीजेपी के प्रत्याशी मनोज सिंह से हार गए। वार्ड नंबर 18 में कांग्रेस की मीनू डागुर ने पूर्व डिप्टी मेयर गिरीश चौधरी की पत्नी मीना कुमारी को हराया। मीना कुमारी को भी मेयर पद का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन वे पार्षद का चुनाव नहीं जीत सकीं। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता की पत्नी भी हारीं वार्ड नंबर 25 में निर्दलीय प्रत्याशी आरती ने जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता की बीजेपी प्रत्याशी कल्पना कौशिक और कांग्रेस की सीमा शुक्ला को हराया। इस हार के बाद बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अपनी सीट नहीं बचा सके। इस वार्ड के नतीजे को लेकर बीजेपी में काफी चर्चाएं हैं। वहीं वार्ड नंबर 59 में निर्दलीय प्रत्याशी आरती जीतीं। इसी वार्ड से बीजेपी की कुसुमलता चुनाव लड़ी थीं, जिन्हें मेयर पद का दावेदार माना जा रहा था, लेकिन वे पार्षद का चुनाव नहीं जीत सकीं। कुसुमलता के पति ब्रजेश अग्रवाल भी विधायक के टिकट के लिए दावेदारी कर चुके हैं। इसी वार्ड से कांग्रेस की रेनू भी चुनाव लड़ी थीं। अब जीते हुए दावेदारों में निशा अग्रवाल और लक्ष्मी फौजदार के नाम आगे वार्ड नंबर 58 से उद्योगपति यश अग्रवाल की पत्नी निशा अग्रवाल बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीती हैं। मेयर पद के लिए उनके नाम पर भी चर्चा है। अगर पार्टी वैश्य समाज से मेयर पद का प्रत्याशी चुनती है तो निशा अग्रवाल का नाम सबसे ऊपर रहने की संभावना है। वहीं वार्ड नंबर 50 से बीजेपी की लक्ष्मी संजय फौजदार ने जीत दर्ज की है। इसी वार्ड से चंद्रवीर ने टिकट मांगा था, लेकिन उनकी जगह लक्ष्मी को टिकट दिया गया। लक्ष्मी शुरू से ही मेयर पद के लिए दावेदारी कर रही थीं और राजनीतिक गलियारों में उनके नाम की भी चर्चा है। अब मेयर पद के लिए दावेदारों का पूरा गणित जीते हुए पार्षदों और निर्दलीयों के समर्थन पर टिक गया है। --- चुनाव की ये खबर पढ़ें … भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा,36 सीटों के साथ सबसे आगे:65 वार्डों में से भाजपा 20 सीटों पर सिमटी; कांग्रेस 7 वार्डों के साथ तीसरे नंबर पर रही भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों के सभी नतीजे सामने आ गए हैं। इनमें निर्दलीयों ने 36 वार्डों में जीत दर्ज की है। भाजपा 20 सीटों के साथ दूसरे और कांग्रेस 7 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर रही। पूरी खबर पढ़िए