भीलवाड़ा के रूपाहेली में बिजली पोल पर काम कर रहे लाइनमैन भैरूलाल जाट की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि काम शुरू करने से पहले बिजली लाइन का शटडाउन लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अचानक लाइन में करंट आ गया और भैरूलाल इसकी चपेट में आकर पोल से नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे भीलवाड़ा से उदयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में गंगापुर के पास उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर एक करोड़ रुपए मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा की मांग की। भीलवाड़ा से उदयपुर किया रेफर, रास्ते में दम तोड़ा जानकारी के अनुसार डोडवानिया खेड़ा निवासी भैरूलाल जाट पुत्र लेहरू लाल जाट बिजली के पोल पर काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि काम शुरू करने से पहले शटडाउन लिया गया था। इसी दौरान अचानक भैरूलाल करंट की चपेट में आ गया। वह झुलसकर पोल से नीचे गिर गया। करंट लगने और पोल से गिरने के बाद भैरूलाल की हालत गंभीर हो गई। परिजन और ग्रामीण उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। उदयपुर ले जाते समय गंगापुर के पास उसकी मौत हो गई। सड़क पर जाम लगाकर किया प्रदर्शन मौत की खबर के बाद ग्रामीणों ने रायला चौराहे से गांव के बीच सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर रायला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश की, जिसके बाद रास्ता खुलवाया गया। फिलहाल ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पुलिस मौके पर मौजूद है। 1 करोड़ मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग ग्रामीणों और परिजनों ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने, पत्नी को सरकारी नौकरी देने और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार भैरूलाल के 8 साल का बेटा और 3 साल की बेटी है। दोनों बच्चों के लिए पेंशन देने की मांग भी की जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जब बिजली लाइन का शटडाउन लिया गया था तो उसमें करंट कैसे आया, इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अधिकारी मौके पर, समझाइश के प्रयास जारी हादसे की सूचना मिलने के बाद बनेड़ा सहायक अभियंता रंजीत खटीक, कनिष्ठ अभियंता गजेंद्र मीणा, रायला-बनेड़ा उपखंड अधिकारी, बनेड़ा तहसीलदार और गुलाबपुरा सीओ सतीश मीणा मौके पर मौजूद हैं। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों और परिजनों से समझाइश के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में बिजली विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।