भारतीय जनता पार्टी में पार्षद के लिए कम और मेयर पद के लिए ज्यादा मशक्कत हो रही है। पार्टी में मेयर पद के लिए दो बड़े दावेदारों के नाम गंगाशहर से सामने आए है। खास बात ये है कि दोनों ही अपने वार्ड से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। पूर्व यूआईटी चेयरमेन महावीर रांका जहां चार वार्ड से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। वहीं भाजपा के ही मोहन सुराना ने पत्नी के लिए वार्ड से टिकट मांगा है। उधर, कांग्रेस मेयर के बजाय पहले जीताऊ पार्षदों की तलाश कर रही है। बीजेपी नेता रांका 4 वार्ड से दावेदारी कर रहे भाजपा नेता महावीर रांका ने बताया कि वो वार्ड संख्या 8, 12, 75 और 50 से अपनी दावेदारी कर रहे हैं। इन वार्डों में से किसी से भी पार्टी टिकट देगी तो वो मैदान में उतरने के लिए तैयार है। अगर पार्टी टिकट नहीं देगी तो वो चुनाव नहीं लड़ेंगे। दरअसल, रांका ने इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी टिकट मांगा था। टिकट नहीं मिलने पर समर्थकों ने निर्दलीय मैदान में उतरने का दबाव बनाया। इसके बाद शक्ति प्रदर्शन करके वे मैदान से हट गए थे। अब मेयर पद के लिए मशक्कत कर रहे रांका का वार्ड 28 महिला सामान्य के लिए आरक्षित हो गया। ऐसे में वो अब चार वार्डों में से किसी एक से अपनी उम्मीदवारी जता रहे हैं। इसमें वार्ड संख्या 12 और 50 से उनकी संभावना ज्यादा नजर आ रही है। दरअसल, दोनों ही वार्ड भाजपा के पक्ष में है और जातिवादी समीकरण इन वार्डों में कम है। पत्नी के लिए मांग रहे टिकट उधर, पार्टी के लिए सालों से काम कर रहे मोहन सुराणा इस बार भी वार्ड संख्या 28 से ही दावेदार थे, लेकिन ये वार्ड आरक्षित होने के कारण अब वो अपनी पत्नी को इसी वार्ड से मैदान में उतारने की तैयारी में है। पत्नी मधु सुराना के लिए पार्टी से टिकट का आवेदन किया गया है। हालांकि स्वयं सुराना ने एक अन्य वार्ड से दावेदारी जताई है। सुराणा अर्से से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के नजदीकी हैं, ऐसे में उनकी दावेदारी भी कमजोर नहीं है। अगर सुराणा की पत्नी और महावीर रांका स्वयं चुनाव जीत गए तो मेयर पद के लिए भाजपा में बड़ा दंगल हो सकता है। उधर, पार्टी से दीपक पारीक भी मेयर पद के लिए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस में पार्षद की जीत प्राथमिकता उधर, कांग्रेस में मेयर पद के बजाय पार्षद जीत की प्राथमिकता तय की गई है। पार्टी पचास से ज्यादा सीटों पर जीत के लिए चुन-चुनकर आवेदन ले रही है। जीताऊ उम्मीदवार की तलाश की जा रही है। हालांकि पार्टी के पास भाजपा की तुलना में आवेदन कम है। कई सीनियर नेता इस चुनाव के बजाय विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी जता सकते हैं। कांग्रेस से फिलहाल मकसूद अहमद सहित महापौर के कुछ दावेदार सामने आए हैं। कांग्रेस नेता बाबू जयशंकर जोशी, संजय आचार्य, अरुण व्यास सहित कई नेताओं के नाम चर्चा में है लेकिन टिकट के लिए आवेदन में अब तक कई चेहरों ने हिस्सा ही नहीं लिया है।