नगर निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर व इंदिरा मीना को गृह क्षेत्र में भी हार मिली। वहीं पूर्व विधायक दानिश अबरार, पूर्व मंत्री अशोक बैरवा ने मात खाई है। जिले में हुए निकाय चुनाव में कई वर्तमान एवं पूर्व विधायक अपने गृह निकाय क्षेत्र भी हार गए। इतना ही नहीं उन्हें परिषद/पालिका से भी हाथ धोना पड़ा है। हाल ही सम्पन्न हुए नगर निकाय चुनाव में कई वर्तमान विधायक, जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायकों को जनता ने नकार दिया है। इनमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं बामनवास विधायक इंदिरा मीना, पूर्व विधायक एवं एआईसीसी सचिव दानिश अबरार, पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बैरवा व भाजपा के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर शामिल हैं। ये नेता ऐसे हैं जो अपना गृह निकाय भी नहीं जिता पाए और परिषद/पालिका से भी हाथ धोना पड़ा है। जिले में दो विधायक ऐसे हैं जो अपना गृह निकाय बचाने के साथ ही बोर्ड बनाने में भी सफल हुए। इनमें गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना व खण्डार विधायक जितेन्द्र गोठवाल शामिल हैं। दोनों ने ही अपने निकाय क्षेत्र में पार्टी को जिताया और बोर्ड भी बनाने में सफलता हासिल की है। गंगापुर सिटी विधायक एवं विधानसभा में उप नेता रामकेश मीना ने अपना गृह निकाय गंगापुर सिटी में कांग्रेस का बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की है। हालांकि वे अपने विधानसभा क्षेत्र के वजीरपुर को जिताने में नाकामयाब रहे हैं। इसी तरह खण्डार से भाजपा विधायक जितेन्द्र गोठवाल ने भी भाजपा का बोर्ड बनाकर अपना दबदबा कायम रखा है। कांग्रेस विधायक इंदिरा मीना जहां अपने गृह निकाय बौंली में जीत नहीं दिला पाई, वहीं बामनवास में कांग्रेस का बोर्ड बनाने में आंशिक सफल हुई है। सवाईमाधोपुर विधायक दानिश अबरार व खण्डार विधायक अशोक बैरवा अपने गृह निकाय भी नहीं जिता पाए हैं। सवाईमाधोपुर में भाजपा विधायक एवं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने नगर परिषद सवाईमाधोपुर में बोर्ड बनाकर मेवा चौधरी को सभापति व माया गोयल को उपसभापति की कुर्सी देकर किंगमेकर साबित हुए हैं।