नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद राजनीतिक उठापटक और जोड़-तोड़ की सियासत तेज हो गई है। पूर्ण बहुमत हासिल करने के बावजूद कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। कांग्रेस ने शाम को अपने सभी 42 जीते हुए पार्षदों और 3 निर्दलीय समर्थकों को बसों में बैठाकर सीधे जैसलमेर की ओर रुख किया। कांग्रेस खेमे से मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पार्टी ने बिना किसी को भनक लगे अपने पार्षदों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजने का प्लान तैयार किया। शाम करीब 8 बजे अचानक पार्षदों को एकजुट किया गया और गोपनीय तरीके से रवाना कर दिया गया। एहतियात के तौर पर सभी विजयी पार्षदों को सफर के दौरान बस में ही खाना दिया गया। साथ ही किसी भी प्रकार के बाहरी संपर्क या आंतरिक लीक से बचने के लिए अधिकांश पार्षदों के मोबाइल फोन भी जमा करवा लिए गए हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी रणनीति बदल दी है। भाजपा ने अपने पार्षदों को जोधपुर में ही ठहराए रखने का फैसला किया है, हालांकि सुरक्षा और आंतरिक समीकरणों के चलते पार्टी ने अपना ठहरने वाला होटल जरूर बदल लिया है। दिलचस्प बात यह है कि नगर निगम में मात्र 27 सीटों पर सिमटने और स्पष्ट बहुमत से कोसों दूर होने के बावजूद भाजपा अभी भी मेयर पद पर काबिज होने की जुगत में लगी है।