जिले की 19 नगर निकायों के चुनाव परिणाम सोमवार को घोषित हो गए। भाजपा ने 690 कुल वार्डों में से 311 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई है। कांग्रेस को 255 वार्डों पर संतोष करना पड़ा। भास्कर ने निकाय चुनाव परिणामों का एनालिसिस किया तो वोटों के आंकड़ों की अलग ही तस्वीर सामने आई। पूरे जिले में कांग्रेस को 6 लाख 76 हजार 815 वोट मिले, जबकि भाजपा के खाते में 6 लाख 75 हजार 929 वोट पड़े। यानी कांग्रेस को 886 वोट ज्यादा मिले। वहीं जयपुर में भाजपा को 5 लाख 52 हजार 713 और कांग्रेस को 5 लाख 65 हजार 848 वोट मिले। यानी कांग्रेस को भाजपा से 13,135 वोट ज्यादा मिले। इसके बावजूद 78 वार्ड जीत कर भाजपा बोर्ड बना रही है। इसका कारण वार्ड परिसीमन को माना जा रहा है, जो भाजपा ने दोनों नगर निगमों को एक कर 250 वार्डांे को 150 में बदला था। वोटों में कांग्रेस आगे, सीटों में भाजपा चुनाव का सबसे दिलचस्प आंकड़ा कुल वोटों का है। कांग्रेस को 6,76,815 वोट मिले, जबकि भाजपा को 6,75,929 वोट मिले। यानी कांग्रेस को भाजपा से 8,986 वोट अधिक मिले। ऐसे में सीटों और वोटों के परिणामों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। भाजपा ने 56 वार्ड ज्यादा जीते, लेकिन कुल वोटों में कांग्रेस मामूली अंतर से आगे रही। 111 पर निर्दलीयों का कब्जा, 4 लाख से ज्यादा वोट लिए निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा। इन्होंने 4 लाख 22 हजार 985 वोट लेते हुए 111 वार्डों पर जीत हासिल की। इन वार्डांे में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। यानी निकाय चुनाव में स्थानीय समीकरण और प्रत्याशी की व्यक्तिगत इमेज पर भी वोट पड़े। आरएलपी ने पहली बार खोला खाता, 5 वार्डों में जीत चौंकाने वाली बात यह भी है कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने जयपुर जिले के निकाय चुनाव में सेंध लगाई है। पहली बार खाता खोलते हुए एक साथ 5 वार्ड अपने नाम किए हैं। आरएलपी को कुल 15,870 वोट मिले। बगरू, चौमूं, फागी में 1-1 और वाटिका में 2 वार्ड जीते।