बारां के शनिधाम बोरेडी में आदिवासी मीणा समाज का स्नेह मिलन और प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। बारां जिले के इस प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर समाज की 70 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। महामंत्री रामपाल बावड़ीखेड़ा ने बताया कि इनमें 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थी शामिल थे। साथ ही, संघ लोक सेवा आयोग से आईएएस, आईपीएस, आरएएस और एसएससी में चुने गए युवा भी सम्मानित हुए। 20 वरिष्ठ समाजसेवी, रक्तदाता, खेल, संस्कृति, कृषि और पर्यावरण संरक्षण में अच्छा काम करने वालों को भी सम्मान मिला। सम्मानित होने वालों में डॉ. संजय मोहन बोरदा, डॉ. मुकेश कुमार मीणा, डॉ. अनिल मर्मिट और आरएएस में चुनी गईं इंद्रबाला मीणा पचेल खास थे। समारोह में 51 हजार रुपये की मदद देने वाले भामाशाह रामेश्वर मीणा महुवा का भी सम्मान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद कोटा-बूंदी रामनारायण मीणा रहे। इसकी अध्यक्षता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और ऑयल इंडिया कंपनी के चेयरमैन मोतीलाल मीणा ने की। विधायक किशनगंज डॉ. ललित मीणा विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थे। यह जानकारी संयोजक पूर्व उप प्रधान किशनगंज रामहेत मीणा ने दी। जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मीणा ने अपने स्वागत भाषण में बारां में छात्रावास के लिए जगह देने की मांग रखी। मुख्य वक्ता जेएनयू नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. गंगा सहाय मीणा और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. जितेन्द्र मीणा ने आदिवासी समाज के संवैधानिक हकों और शिक्षा के महत्व पर बात की। वक्ताओं ने समाज में फैली दहेज प्रथा, नुक्ता प्रथा और नशे को विकास में रुकावट बताया। उन्होंने इन बुराइयों को खत्म करने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता रामस्वरूप मीणा और प्रोफेसर रीना मीणा तिसाया ने किया। उपाध्यक्ष गिरिराज बामली ने सभी का धन्यवाद दिया।