तेरापंथ धर्मसंघ के पर्युषण महापर्व में महत्वपूर्ण दिन होता है जप दिवस। पर्युषण में हम शरीर से तप करते हैं, वाणी से क्षमा मांगते हैं, और मन से साधना करते हैं। मन की साधना का सबसे सरल और शक्तिशाली साधन है जप। जप का अर्थ है एक ही पवित्र मंत्र, एक ही नाम का बार-बार मानसिक आवर्तन, जिससे मन का मैल धुले और आत्मा निर्मल बने। उक्त विचार तेरापंथ भवन आदर्श नगर में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा आदर्श नगर, सवाई माधोपुर के तत्वावधान में आयोजित पर्युषण महापर्व आराधना के छठे दिन तप दिवस पर प्रवक्ता उपासक पारसमल दुगड़ ने व्यक्त किए।