भास्कर न्यूज| बारां पंचायतीराज चुनावों में जिला प्रमुख, जिला परिषद सदस्यों, प्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों, सरपंचों व वार्ड पंचों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिले की 10 पंचायत समितियों में 280 ग्राम पंचायतें और 7 लाख 99 हजार 850 मतदाता हैं। 25 सितंबर तक की स्थिति के अनुसार 4 लाख 9 हजार 376 पुरुष, 3 लाख 90 हजार 472 महिला और 2 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं। इन मतदाताओं के लिए जिले में 886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पंचायत समितियों में छीपाबड़ौद सबसे बड़ी पंचायत समिति है। यहां 38 ग्राम पंचायतें, 25 पंचायत समिति वार्ड, 416 ग्राम पंचायत वार्ड और 155 मतदान केंद्र हैं। यहां कुल 1 लाख 41 हजार 736 मतदाता हैं। इनमें 72 हजार 610 पुरुष और 69 हजार 126 महिला मतदाता हैं। इसके बाद अटरू में 34 ग्राम पंचायतें और 1 लाख 3 हजार 332 मतदाता हैं। जबकि छबड़ा में 35 ग्राम पंचायतें और 97 हजार 942 मतदाता हैं। बारां पंचायत समिति में 26 ग्राम पंचायतें और 79 हजार 511 मतदाता हैं। अंता पंचायत समिति क्षेत्र में 23 ग्राम पंचायतों के 73 हजार 791 मतदाता हैं। मांगरोल में सबसे कम पंचायतें, सबसे ज्यादा छीपाबड़ौद में जिले में सबसे कम 18 ग्राम पंचायतें मांगरोल पंचायत समिति में हैं। यहां 55 हजार 828 मतदाता पंजीकृत हैं। मतदाताओं की संख्या के लिहाज से सबसे छोटी पंचायत समिति नाहरगढ़ है, जहां 19 ग्राम पंचायतों में 50 हजार 109 मतदाता हैं। शाहबाद में 31 ग्राम पंचायतें और 61 हजार 451 मतदाता हैं, जबकि केलवाड़ा में 28 ग्राम पंचायतों के 62 हजार 275 मतदाता हैं। किशनगंज में 28 ग्राम पंचायतें हैं और यहां 73 हजार 875 मतदाता पंजीकृत हैं। पंचायत समितियों में कुल 168 पंचायत समिति वार्ड और 2,542 ग्राम पंचायत वार्ड हैं। मतदाता सूची में जिले में कुल 2 थर्ड जेंडर मतदाता दर्ज हैं। इनमें एक मतदाता केलवाड़ा और एक किशनगंज पंचायत समिति में है। छीपाबड़ौद में सबसे ज्यादा 38 ग्राम पंचायतें है। पंचायत चुनाव को लेकर पार्टियों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया। संभावित दावेदारों से आवेदन लेने की प्र​क्रिया शुरू कर दी है। कई लोग निर्दलीय मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। सरपंचों को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन मांगना शुरू कर दिया है। पंचायत चुनाव को लेकर अब मतदान की तारीखों का इंतजार बना हुआ है।