चित्तौड़गढ़ जिले में आयोजित अंतर महाविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता को लेकर छात्राओं ने शिकायत की है। छात्राओं ने रेफरी के फैसलों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने प्रतियोगिता में अनियमितताओं के आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मीरा गर्ल्स कॉलेज उदयपुर की खिलाड़ियों ने चित्तौड़गढ़ के राशमी में हुई अंतर महाविद्यालय खो-खो (महिला) प्रतियोगिता के दौरान सुखाड़िया विश्वविद्यालय जाकर कुलगुरु को भी ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि खो-खो में मीरा गर्ल्स कॉलेज की टीम 25 साल से चैम्पियन रही है। फरवरी में कॉलेज में सिल्वर जुबली मनाई थी। छात्राओं का आरोप है कि प्रतियोगिता में हमारी टीम को योजना बनाकर रेफरी के गलत फैसलों से हराया गया। छात्राओं ने शिकायत में आरोप लगाया कि मुकाबले के दौरान उनकी टीम के साथ कई मौकों पर नियमों का समान रूप से पालन नहीं किया गया। छात्राओं ने कहा कि खो देने के दौरान बिना फाउल के भी उनकी टीम के खिलाफ फाउल दिए गए, जबकि सामने वाली टीम के कथित फाउल पर कार्रवाई नहीं की गई। छात्राओं ने बताया कि उस समय टीम के मैनेजर वहां नहीं थे। छात्राओं के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को राशमी में आयोजित प्रतियोगिता में उनकी टीम का मुकाबला आर.एन.टी. कॉलेज, कपासन से हुआ था। दोनों टीमों के लिए नियम समान लागू नहीं किए छात्राओं ने बताया कि मुकाबले के दौरान आउट और फाउल के नियमों को दोनों टीमों के लिए समान रूप से लागू नहीं किया गया। उनका कहना है कि विपक्षी टीम की कुछ खिलाड़ियों के आउट होने के बावजूद रेफरी ने उन्हें आउट नहीं दिया उस दौरान विपक्षी टीम के स्टाफ की ओर से मैदान में कथित शोर-शराबे और खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। छात्राओं के अनुसार, उन्होंने मैच के दौरान रेफरी के निर्णयों पर आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जांच करते हुए ये मुकाबला दुबारा आयोजित किया जाए। शिकायत पर आयोजकों ने नहीं की सुनवाई इधर, साथ ​गए टीम मैनेजर डा. नागेंद्र श्रीमाली ने बताया कि हमने वहां आयोजकों को लिखित में शिकायत दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि दसवीं की अंकतालिका के आधार पर आवेदनों की जांच हो गई लेकिन एमजी कॉलेज की टीम की इन छात्राओं के आवेदन बार बार चेक किए गए और सरकारी नियमों को उल्लघंन करते हुए बेवजह परेशान किया। उन्होंने बताया कि करीब 20 वर्षों से चैम्पियन रही टीम इस बार कथित चीटिंग के कारण हार गई, जिससे सभी खिलाड़ियों का मनोबल टूट गया और वे निराश हैं।