चित्तौड़गढ़ पुलिस की लापरवाही से एक युवक की जान चली गई। मां के जेवर हड़पने वाले दो मामा से वह परेशान था। युवक 13 दिन से घर से लापता था। पत्नी का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बाद भी कोतवाली थाने ने गुमशुदगी दर्ज नहीं की। युवक ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें उसने दोनों मामा पर जेवर हड़पने और धमकियां देने का आरोप लगाया। उसने परेशान होकर आत्महत्या के लिए मजबूर होना बताया। फिर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर युवक ने उदयपुर आकर जहर खा लिया। उसने सुखेर थाने जाकर पुलिस को जहर खाने की जानकारी भी दी। इसके बाद पुलिस ने उसे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। थाने में बोला- मैंने जहर खा लिया है चित्तौड़गढ़ के शास्त्री नगर निवासी अनिता उर्फ अन्नु लाखोटिया ने गत 28 सितंबर को एसपी ऑफिस में परिवाद पेश किया। इसमें बताया कि वह पति नीलेश व सास आशादेवी के साथ रहती है। सास के परिजनों ने उन्हें भीलवाड़ा में एक प्लॉट व 8 तोला सोने के जेवर दिए थे, जो सास के भाई जगदीश और रमेश राठी ने अमानत के रूप में खुद के पास रख लिए। जरूरत पड़ने पर देने की बात कही। 3-4 महीने पहले तकाजा करने पर दोनों मामा ने पति को हत्या करवाने की धमकियां दी। गत 17 सितंबर से पति नीलेश घर से लापता हो गए। उन्होंने 3 दिन तक कोतवाली थाने में गुमशुदगी की शिकायत दी, लेकिन वहां रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पत्नी अन्नू ने बताया कि नीलेश बुधवार 30 सितंबर को सुखेर थाने पहुंचे। वहां पुलिसकर्मी को बताया कि उन्होंने जहर खा लिया है। पुलिस ने तुरंत उन्हें एमबी हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां शाम 6 बजे उनकी मौत हो गई। शम को परिजन उदयपुर पहुंचे और शव ले गए।