चित्तौड़गढ़ के मंगलवाड़ स्थित महात्मा गांधी राजकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल गेट पर सोमवार सुबह ग्रामीणों ने ताला लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीचर स्कूल में देर से आते हैं और जल्दी घर चले जाते हैं। स्कूल में टीचर की भी कमी है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को समय की पाबंदी रखने के निर्देश दिए और स्टाफ की कमी दूर करने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने सुबह करीब 9:30 बजे ताला खोल दिया। छह शिक्षक पदस्थापित, एक शिक्षिका उदयपुर डेपुटेशन पर ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया - स्कूल दसवीं कक्षा तक संचालित होता है, लेकिन यहां सिर्फ छह शिक्षक पदस्थापित हैं। इनमें से एक शिक्षिका का डेपुटेशन उदयपुर में लगा हुआ है। स्कूल की संस्था प्रधान कल्पना खटीक, अंग्रेजी विषय की टीचर प्रियंका तवर, पहली से पांचवीं तक सभी विषय पढ़ाने वाली पूजा शक्तावत और गणित की टीचर कृष्णा चौधरी सहित स्टाफ पर पढ़ाई की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब स्कूल में पहले से ही शिक्षक कम हैं, तो उनके समय पर नहीं आने से बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। बच्चों ने भी शिकायत की कि कई बार पढ़ाई की जगह दूसरे कामों में समय निकल जाता है और उन्हें बिना पढ़ाई के ही घर लौटना पड़ता है। कई बार शिकायत की, सुधार नहीं होने पर किया विरोध ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से है, लेकिन संस्था प्रधान सहित तीन शिक्षक करीब 8:30 बजे पहुंचते हैं। आरोप है कि ये शिक्षक दोपहर करीब 12:30 बजे ही स्कूल छोड़ देते हैं, जबकि छुट्टी का समय इससे काफी बाद का है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों के देर से आने और जल्दी चले जाने की शिकायत कई बार की गई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लगातार पढ़ाई प्रभावित होने से परेशान होकर उन्होंने तालाबंदी की, ताकि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें। एबीईओ ने शिक्षकों को चेताया, तीन शिक्षकों की व्यवस्था का भरोसा सूचना मिलने पर मंगलवाड़ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक पारसमल लोठा और पूरण लोहार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार धाकड़ स्कूल पहुंचे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के देर से आने और समय से पहले जाने की शिकायत मिली थी। सभी को मौखिक रूप से समय की पाबंदी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आगे भी लापरवाही मिलने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। एबीईओ ने बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी को देखते हुए उदयपुर डेपुटेशन पर लगी शिक्षिका दिव्या शर्मा का आदेश भी निरस्त कराया जा रहा है, ताकि वे वापस स्कूल में सेवाएं दे सकें। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने विरोध समाप्त कर स्कूल का ताला खोल दिया। फोटो - वीडियो क्रेडिट - प्रकाश पुष्करणा, मंगलवाड़