चित्तौड़गढ़ होकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली उदयपुर सिटी-खजुराहो एक्सप्रेस से सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है। यात्रियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ट्रेन में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच स्थायी रूप से जोड़ने का फैसला किया है। इसमें उन यात्रियों को फायद मिलेगा। जो उदयपुर, कोटा, मध्य प्रदेश और खजुराहो की ओर सफर करते हैं। यह ट्रेन तीन राज्यों को जोड़ने वाली जरूरी रेलसेवा है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इसमें सफर करते है। अतिरिक्त कोच जुड़ने के बाद यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना पहले से बेहतर होगी और सफर भी ज्यादा आरामदायक हो सकेगा। अतिरिक्त स्लीपर कोच 1 सितंबर से उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी संख्या 19666/19665 उदयपुर सिटी-खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस में एक द्वितीय शयन यान यानी स्लीपर श्रेणी का अतिरिक्त डिब्बा स्थायी रूप से जोड़ा जा रहा है। यह सुविधा उदयपुर सिटी से चलने वाली ट्रेन में 1 सितंबर से और खजुराहो से चलने वाली ट्रेन में 3 सितंबर से लागू होगी। रेलवे का कहना है कि यह फैसला अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए लिया गया है। पिछले कुछ समय से इस ट्रेन में लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ रही थी, जिसके कारण स्लीपर श्रेणी में वेटिंग भी ज्यादा रहने लगी थी। अब अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को होगा सीधा फायदा उदयपुर और खजुराहो के बीच चलने वाली यह ट्रेन चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती है। जिले के बड़ी संख्या में यात्री इसी ट्रेन से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। धार्मिक, पर्यटन, नौकरी, शिक्षा और पारिवारिक कारणों से इस ट्रेन की मांग हमेशा बनी रहती है। खजुराहो जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन अहम मानी जाती है। ऐसे में स्लीपर कोच बढ़ने से चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान भीड़ बढ़ने पर अब पहले की तुलना में टिकट मिलने की संभावना बेहतर रहेगी। अब ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे रेलवे के अनुसार अतिरिक्त स्लीपर कोच जुड़ने के बाद इस ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे। इनमें एक फर्स्ट एसी, दो सेकंड एसी, पांच थर्ड एसी, दो थर्ड एसी इकोनॉमी, छह स्लीपर, चार सामान्य श्रेणी, एक पावर-कार और एक गार्ड कोच शामिल रहेगा। रेलवे का मानना है कि डिब्बों की संख्या बढ़ने से यात्रियों का दबाव कम होगा।