चूरू में श्रीश्याम अखंड ज्योत पाठ समिति और अखिल भारतीय श्रीश्याम अखंड ज्योत पाठ समिति की ओर से श्याम पाठ रचयिता चंद्र शर्मा की स्मृति में नागवाणों के नोहरे में श्रीश्याम अखंड ज्योत पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। आयोजन से पहले धोली शक्ति मंदिर से भव्य श्रीश्याम शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के विभिन्न रास्तों से होकर नागवाणों के नोहरे स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची। शोभायात्रा में श्रद्धालु बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। अखंड ज्योत जलाकर शुरू हुआ श्याम पाठ कार्यक्रम स्थल पर समिति के पदाधिकारियों ने श्रीश्याम बाबा की अखंड ज्योत प्रज्वलित कर श्याम पाठ की शुरुआत की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ पाठ में भाग लिया। पूरे कार्यक्रम स्थल पर श्याम भक्ति का माहौल बना रहा। बर्बरीक के बलिदान से खाटू दरबार तक सजी झांकियां श्याम पाठ के दौरान श्रीश्याम बाबा के जीवन और लीलाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनमें शीश के दानी श्रीश्याम बाबा, खाटू श्याम दरबार, बर्बरीक का बलिदान, तीन बाणधारी बर्बरीक, श्रीकृष्ण द्वारा शीश का दान मांगने, महाभारत युद्ध सहित विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया। खाटू श्याम बाबा का भव्य दरबार और बाबा के भक्तों की झांकी भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र रही। संजय मित्तल के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल कार्यक्रम में कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक संजय मित्तल ने श्रीश्याम बाबा की महिमा से जुड़े भजन प्रस्तुत किए। उनके भजनों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते नजर आए। इस दौरान पूरा माहौल 'हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा' और बाबा श्याम के जयकारों से गूंज उठा। संजय मित्तल ने बाबा श्याम की महिमा का वर्णन करते हुए एक के बाद एक भजन प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी भक्तिमय हो गया।