साइबर ठगी की रकम को राजनीतिक पार्टी के खाते में जमा करवाने और बाद में उसे निकालने के मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार- आरोपी ने पार्टी फंड में डोनेशन के नाम पर शिकायतकर्ता के राजनीतिक पार्टी के खाते में 16 लाख 16 हजार 500 रुपए जमा करवाए। रकम जमा होने के बाद बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया। जानकारी जुटाने पर सामने आया कि खाते में जमा करवाई गई रकम साइबर ठगी से जुड़ी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया। थाना प्रभारी शंभू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपेंद्र सिंह रावत उर्फ दीपु (23) निवासी वार्ड 1, गांव लाडपुरा, थाना गेगल, जिला अजमेर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से पूछताछ में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि साइबर ठगी की रकम किस खाते से आई और उसे निकालने के बाद किन लोगों तक पहुंचाया गया। पार्टी फंड के नाम पर खाते में डलवाई रकम पीड़ित मुकेश रावत निवासी लाडपुरा ने पुलिस को बताया कि उसके पास अखिल भारतीय राजनीतिक पार्टी के नाम से बैंक खाता है। इस खाते में चुनाव के दौरान पार्टी फंड के रूप में राशि आती है और इसका उपयोग प्रचार-प्रसार और अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों में किया जाता है। पीड़ित के अनुसार- गांव का ही दीपेंद्र उर्फ दीपु रावत उसे झांसे में लेकर इस खाते में रकम जमा करवाने के लिए ले गया। आरोपी ने पार्टी फंड में डोनेशन के नाम पर खाते में कुल 16,16,500 रुपए जमा करवाए। इसके बाद खाते से राशि निकाल ली गई। अकाउंट फ्रीज होने पर ठगी की रकम का पता चला रकम जमा होने के बाद बैंक खाता फ्रीज हो गया। पीड़ित ने इसकी जानकारी जुटाई तो पता चला कि दीपेंद्र की ओर से खाते में जमा करवाई गई रकम साइबर ठगी से जुड़ी थी। इसके बाद परिवादी ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार- आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने किसके कहने पर खाते में रकम जमा करवाई, रकम किस साइबर फ्रॉड से संबंधित थी और खाते से रकम निकालकर किन लोगों को दी गई। मामले में जांच जारी है।