दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और पाबंदियों पर CJI सूर्यकांत ने सोमवार को कहा- ये मेरा मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि याचिका दाखिल कर सकता है। CJI विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस बीच, CJI का वह लेटर भी सामने आया जो उन्होंने रविवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं को मुलाकात से इनकार करने के लिए लिखा था। इसमें उन्होंने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है, वे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में इनपर मीटिंग करना न्यायिक मर्यादा और नैतिकता के खिलाफ होगा। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJI को लेटर लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 12 अक्टूबर की शाम अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई थी। खड़गे-राहुल को CJI का लेटर… CJI ने जवाब में 3 वजहें बताईं 1. प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं कर सकते: CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इन मुद्दों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। लंबित मामलों पर विचार करने के लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनानी होगी। 2. याचिका दाखिल करने पर जल्द सुनवाई हो सकती है: CJI ने लेटर में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 और न्यायिक समीक्षा की शक्तियों के तहत सुप्रीम कोर्ट नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों पर सुनवाई करने के लिए बाध्य है। सोमवार को याचिका दाखिल किए जाने पर उसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। 3. मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट के दरवाजे खुले: CJI ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिक कानून में तय प्रक्रिया के तहत अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए किसी भी समय अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। आज सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च CJI की तरफ से मुलाकात के लिए इनकार के बावजूद विपक्षी दलों ने आज अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली-मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में युवा, विपक्षी दल, नागरिक संगठन और लोकतंत्र व संविधान में विश्वास रखने वाले लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह मार्च पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर भारतीयों के तौर पर निकाला जाएगा। शुक्रवार को विपक्ष ने राष्ट्रपति को सौंपा था ज्ञापन इससे पहले शुक्रवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने संसद से विजय चौक तक मार्च निकाला था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा था। वहीं, खड़गे ने बेंगलुरु में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश में अव्यवस्था पैदा कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार के प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस तैनाती और लोगों को हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए सरकार पर युवाओं के आंदोलन से डरने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि विपक्ष CJI से केवल अनुरोध कर सकता है, मांग नहीं। ----------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात:इसमें कोई भी आ सकता है, ज्ञानेश के हटने तक प्रदर्शन होगा राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह सरकार से लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान बचाने की मुहिम है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। पूरी खबर पढ़ें…