कांग्रेस 2, भाजपा 1 सूची जारी करेगी }दोनों पार्टियों ने टिकट वितरण को लेकर तैयार की रणनीति नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अलग-अलग रणनीति तैयार की है। कांग्रेस दो चरणों में प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। पार्टी 28 अगस्त को रक्षाबंधन की शाम पहली लिस्ट जारी कर कार्यकर्ताओं को टिकट का ‘तोहफा’ देने की तैयारी में है, जबकि दूसरी सूची दो दिन बाद जारी होने की संभावना है। वहीं, भाजपा में चार स्तर पर स्क्रीनिंग और मंथन के बाद 30 अगस्त को एक ही सूची जारी होगी। पार्टी में टिकट तय करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत लंबी है, इसलिए सूची रक्षाबंधन के बाद आने की संभावना है। दोनों दलों में 150 वार्डों के दावेदारों की छंटनी अंतिम दौर में पहुंच गई है, लेकिन सबसे ज्यादा रोचक मुकाबला उन वार्डों में होगा, जहां एक टिकट के लिए कई बड़े दावेदार आमने-सामने हैं या फिर किसी टिकटधारी के नाम पर विधायक सहमत नहीं है। आरक्षण की लॉटरी के बाद 150 वार्डों की राजनीतिक तस्वीर बदल चुकी है और नए परिसीमन ने पुराने समीकरणों को भी प्रभावित किया है। भाजपा का आधे विधानसभा क्षेत्रों में पैनल तैयार, कुछ में अभी तक मंथन होना बाकी कांग्रेस में दो स्तर पर फैसला: युवाओं को तवज्जो, जिलाध्यक्ष-विधायक मिलकर तय कर रहे नाम
कांग्रेस ने टिकट चयन प्रक्रिया को छोटा रखा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा और संबंधित विस क्षेत्र के विधायक अथवा विधायक प्रत्याशी एक साथ बैठकर आवेदनों पर चर्चा कर रहे हैं। इसके बाद नामों को अंतिम रूप देने की तैयारी है। कांग्रेस ने पहले ही साफ किया है कि टिकट वितरण में जीत की संभावना, कार्यकर्ता की सक्रियता और स्थानीय स्वीकार्यता को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। पार्टी की रणनीति युवाओं को ज्यादा अवसर देने की भी है और जिला नेतृत्व ने 50 वर्ष से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का संकेत दिया है। पार्टी ने ‘मिशन 100’ तय किया है। स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। भाजपा में जिलाध्यक्ष की टीम वार्डवार आवेदनों की स्क्रूटनी में जुटी हैं। अब तक किशनपोल, हवामहल, सिविल लाइंस और बगरू विधानसभा क्षेत्रों के आवेदनों पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है। यानी 10 विधानसभा क्षेत्रों में से लगभग आधे क्षेत्रों में नामों का पैनल तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है, जबकि शेष रही विधानसभा क्षेत्रों में अभी तीन-तीन नामों का पैनल तय होना बाकी है। प्रदेशाध्यक्ष और सीएम लगाएंगे अंतिम मुहर
1. मंडल स्तर से संभावित नामों की सूची जिलाध्यक्ष तक पहुंचेगी।
2. जिला स्तर पर प्रत्येक वार्ड के लिए 3-3 नामों का पैनल तैयार होगा।
3. क्षेत्रीय विधायक-संगठन पदाधिकारियों से चर्चा के बाद नामों पर दोबारा मंथन।
4. प्रदेशाध्यक्ष, सीएम और वरिष्ठ पदाधिकारियों की सहमति के बाद मुहर। बगावत से निपटने ‘सीक्रेट ऑपरेशन...’
भाजपा की अलग रणनीति उन वार्डों के लिए तैयार की जा रही है, जहां दावेदारों की संख्या ज्यादा है या टिकट घोषित होने के बाद बगावत की आशंका है। ऐसे वार्डों में प्रत्याशी का नाम सूची में जारी करने के बजाय संभावित उम्मीदवार को सीधे फोन पर सूचना देने की योजना पर विचार हो रहा है। प्रत्याशी को पार्टी कार्यालय बुलाकर सिंबल दिया जा सकता है। सिंबल और जरूरी दस्तावेज सीधे उम्मीदवार तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा सकती है। ताकि टिकट कटने से नाराज दावेदारों को एकजुट होकर विरोध या दबाव बनाने का ज्यादा समय न मिले । यही कारण है कि सबसे विवादित वार्डों की सूची अंतिम समय जारी की जा सकती है।