विधायक निधि में भ्रष्टाचार पर भास्कर के खुलासे के मामले में खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन विधायक अनीता जाटव और बयाना विधायक ऋतु बनावत के खिलाफ सदाचार समिति की जांच 9 महीने से ठंडे बस्ते में है। दूसरी ओर ग्रामीण विकास विभाग ने तीनों की विधायक निधि से रोक हटा दी। शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने नागौर, करौली और भरतपुर कलेक्टरों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत विधायकों द्वारा जनोपयोगी विकास कार्यों की अनुशंसा पर स्वीकृति जारी करने और भुगतान की अनुमति दी गई है। इसमें वे ही कार्य शामिल होंगे, जिनका क्रियान्वयन राजकीय विभागों की ओर से किया जाएगा। भास्कर ने 14 दिसंबर 2025 को विधायक निधि में 40% कमीशन के खेल का खुलासा किया था। रेवंतराम डांगा और अनीता जाटव ने स्कूलों में खादी के कारपेट की सप्लाई देने के लिए 50 लाख व 80 लाख की अनुशंसा की जबकि ऋतु बनावत के पति ऋषि बंसल ने 40 लाख की डील की। इस पर सरकार ने तीनों की विधायक निधि सीज कर दी थी और जांच के लिए मुख्य सतर्कता आयुक्त (एसीएस, गृह) भास्कर सावंत की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। इधर, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का कहना है कि खींवसर, हिंडौन और बयाना विधायकों से जुड़ी अंतरिम रिपोर्ट मिल गई है। पूरी रिपोर्ट बाकी है, जिसके आधार पर ही यह तय होगा कि ये दोषी हैं या नहीं। हर माह विधानसभा जाएगी रिपोर्ट, खर्च के लिए 4 शर्तें जोड़ीं 1. जिला कलेक्टर को हर महीने इन क्षेत्रों में होने वाले कार्यों और भुगतान का पूरा विवरण सीधे विधानसभा की सदाचार समिति को अनिवार्य रूप से भेजना होगा। 2. खींवसर, हिंडौन और बयाना विधानसभा क्षेत्रों में विधायक निधि से हुए विकास कार्यों से जुड़े सभी मूल दस्तावेज और फाइलें पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएंगी। 3. यदि किसी भी नए काम में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता आती है, तो उस कार्य का भुगतान और क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगेगी। 4. भास्कर के ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में जिन संदिग्ध कार्यों का खुलासा हुआ था, उन्हें इस सामान्य प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। उनकी अलग जांच जारी रहेगी। 6 जनवरी के बाद बैठक नहीं हुई, भास्कर दे चुका है सुबूत सदाचार समिति की 6 जनवरी के बाद बैठक नहीं हुई। समिति ने 17 दिसंबर को तीनों विधायकों को 19 दिसंबर को हाजिर होने के लिए कहा था। जवाब देने के लिए अनीता जाटव ने 7, ऋतु बनावत ने 10 और डांगा ने 15 दिन मांगा। दूसरी पेशी 23 दिसंबर और तीसरी पेशी 6 जनवरी 26 को हुई। इसके बाद बैठक नहीं हुई है। भास्कर 22 दिसंबर को ही सुबूत दे चुका है।