दाऊदी बोहरा समाज के 257 लोगों के करीब 32 किलो सोने से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में लगभग 3 साल बाद बड़ी कानूनी राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने 29 सितंबर को जारी आदेश में फखरी करदन हसनन ट्रस्ट को संबंधित लोगों को उनके सोने के आभूषण सौंपने की अनुमति दे दी है। सोने पर अलग-अलग पक्षों के दावों के कारण मामला अदालत में उलझा हुआ था। पक्षकारों के बीच समझौते और संबंधित मालिकों को आभूषण सौंपने पर अनापत्ति के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के दो आदेश निरस्त कर दिए। अब ट्रस्ट संबंधित लोगों को आभूषण सौंपने के लिए स्वतंत्र है। वर्तमान में सोना ट्रस्ट के संरक्षण में है। बोहरा समाज ने सैफी मोहल्ला में फखरी करदन हसनन ट्रस्ट के माध्यम से ऐसी व्यवस्था बना रखी थी, जिसमें समाज के लोग जरूरत पड़ने पर सोने के आभूषण गिरवी रखकर बिना ब्याज ऋण लेते थे। वर्ष 2023 में 257 लोगों के गिरवी रखे करीब 32 किलो सोने के गायब होने का मामला सामने आया। बाद में इसे लेकर 2 एफआईआर दर्ज हुईं।जांच में आरोप सामने आया कि ट्रस्ट में गिरवी रखे गए आभूषणों को आगे बाजार में व्यापारियों और बैंकों के पास गिरवी रखकर रकम ली गई थी।