नगर परिषद डीग के 40 वार्डों के चुनाव परिणाम में एक बार फिर किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। भाजपा ने 16 सीटें जीतीं, जबकि 24 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। 40 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 21 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में भाजपा सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनने के बावजूद बहुमत से 5 सीट दूर है। अब बोर्ड गठन की पूरी तस्वीर 24 निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर करेगी। चुनाव परिणाम सामने आने के साथ ही डीग में बोर्ड बनाने को लेकर सियासी जोड़-तोड़ का दौर शुरू हो गया है। आठ राउंड में साफ हुई नगर परिषद की तस्वीर 11 सितंबर को नगर परिषद डीग के 40 वार्डों के लिए मतदान हुआ था। सोमवार को शहर स्थित किशन लाल जोशी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। आठ राउंड में मतगणना पूरी होने के साथ ही सभी 40 वार्डों के परिणाम घोषित कर दिए गए। नतीजों में भाजपा को 16 सीटें मिलीं, जबकि 24 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। परिणाम ने साफ कर दिया कि नगर परिषद में कोई भी राजनीतिक दल अपने दम पर बोर्ड बनाने की स्थिति में नहीं है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से 5 कदम दूर भाजपा 16 सीटों के साथ सबसे अधिक सीटें जीतने वाली राजनीतिक पार्टी बनी है। हालांकि बहुमत का आंकड़ा 21 होने के कारण भाजपा को बोर्ड गठन के लिए कम से कम 5 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। यही वजह है कि भाजपा के लिए चुनावी जीत के बाद अब असली चुनौती बोर्ड गठन की है। पार्टी की नजर स्वाभाविक रूप से निर्दलीय पार्षदों पर रहेगी। 24 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में सत्ता की चाबी इस चुनाव का सबसे अहम पहलू निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन रहा। 24 निर्दलीय पार्षदों की संख्या भाजपा की 16 सीटों से भी अधिक है। किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से अब बोर्ड गठन में इन पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो गई है। यदि निर्दलीयों का एक बड़ा समूह किसी एक पक्ष के साथ खड़ा होता है तो उस पक्ष के लिए बहुमत जुटाना आसान हो जाएगा। इसलिए आने वाले दिनों में निर्दलीय पार्षदों के रुख पर सभी की नजर रहेगी। बोर्ड बनाने के लिए शुरू होगा सियासी जोड़-तोड़ अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डीग नगर परिषद का बोर्ड किसके नेतृत्व में बनेगा। भाजपा के पास 16 पार्षद हैं और उसे बहुमत के लिए पांच और समर्थन चाहिए। दूसरी ओर, निर्दलीयों के पास इतनी संख्या है कि वे किसी भी पक्ष के समीकरण को मजबूत या कमजोर कर सकते हैं। चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक दल अपने स्तर पर निर्दलीय पार्षदों से संपर्क कर समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर निर्दलीय पार्षदों के रुख और उनके बीच बनने वाली सहमति के बाद ही साफ होगी। पिछली बार की तरह इस बार भी किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं डीग नगर परिषद की राजनीति में इस बार भी किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 40 वार्डों के नतीजों ने नगर परिषद में एक बार फिर ऐसा समीकरण बनाया है, जिसमें बोर्ड गठन के लिए दलों को दूसरे पार्षदों के समर्थन पर निर्भर रहना होगा। भाजपा के लिए राहत यह है कि वह सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन निर्दलीयों की बड़ी संख्या ने बोर्ड गठन को दिलचस्प बना दिया है। अध्यक्ष पद पर भी बढ़ेगी सियासी हलचल पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद अब नगर परिषद अध्यक्ष पद को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। जिस पक्ष के पास बहुमत का आंकड़ा होगा, अध्यक्ष पद पर उसका दावा मजबूत माना जाएगा। ऐसे में भाजपा और निर्दलीय पार्षदों के बीच होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण होगी। यदि निर्दलीयों का पर्याप्त समर्थन भाजपा को मिलता है तो वह बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। वहीं निर्दलीय पार्षदों के बीच कोई अलग रणनीति बनती है तो नगर परिषद का पूरा राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। अब नजर 24 निर्दलीयों के अगले कदम पर डीग नगर परिषद के चुनाव परिणाम ने भाजपा को सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में जरूर स्थापित किया है, लेकिन बोर्ड की सत्ता की चाबी फिलहाल 24 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है। बहुमत का आंकड़ा 21 है और भाजपा के पास 16 सीटें हैं। ऐसे में अब आने वाले दिनों में निर्दलीय पार्षद किसके साथ खड़े होते हैं, इसी से तय होगा कि डीग नगर परिषद में अगला बोर्ड किसका होगा। बेढम ने बृजनगर-सीकरी के नवनिर्वाचित पार्षदों को दी बधाई नगर निकाय चुनाव परिणामों के बाद गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बृजनगर और सीकरी के नवनिर्वाचित पार्षदों को बधाई दी। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि जनता ने भाजपा के पक्ष में जनादेश देकर पार्षदों को शहर की जिम्मेदारी सौंपी है। बेढम ने बताया कि बृजनगर नगरपालिका के 35 में से 30 नवनिर्वाचित पार्षद उनसे मिले हैं। वहीं, 25 वार्ड वाली सीकरी नगरपालिका के 19 पार्षद भी उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने सभी पार्षदों से जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और शहर के विकास के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नए बोर्ड की ओर से रखी जाने वाली विकास संबंधी मांगों और समस्याओं के समाधान को सरकार के स्तर पर प्राथमिकता से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।