सादुलशहर एसएचओ मलकीयत सिंह तथा विधायक गुरवीर बराड़ के पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड गुरसेवक सिंह के खिलाफ विभागीय जांच हो रही है। इनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए रायसिंहनगर सेक्टर प्रभारी एएसपी नीलम चौधरी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया है। एसपी हरीशंकर यादव ने बताया कि 11 सितंबर को दोपहर 3 बजे के करीब सादुलशहर के वार्ड नंबर पांच में प्रत्याशी मनीषा खीचड़ के पति, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रदीप खीचड़ के साथ बदसलूकी के आरोप हैं। एसएचओ मलकीयत सिंह पर आरोप हैं कि उन्होंने भीड़ को जानबूझकर बूथ के अंदर आने दिया ताकि प्रदीप खीचड़ के साथ मारपीट की जा सके। पीएसओ पर आरोप हैं कि वे विधायक के साथ ड्यूटी की बजाय बूथ पर पहुंचे। वे मारपीट में शामिल हुए। इस संबंध में विभिन्न मीडिया समूहों की ओर से की गई वीडियो रिकॉर्डिंग, खुद पुलिस की ओर से की गई रिकॉर्डिंग को भी जांच अधिकारी जांच में शामिल कर रही हैं। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने पर विभागीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व चेयरमैन प्रदीप खीचड़ के आरोप हैं कि एसएचओ विधायक के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। इस घटना को अंजाम दिलवाने में उनकी भूमिका संदिग्ध है। इसलिए उन्हें तथा पीएसओ को निलंबित किया जाए।