भास्कर न्यूज | सवाई माधोपुर बजरिया स्थित नई अनाज मंडी में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के आठवे दिन व्यासपीठ से संत मुरलीधर महाराज ने भगवान श्रीराम और केवट के भावपूर्ण प्रसंग का वर्णन किया। कथा के दौरान जैसे ही केवट और प्रभु श्रीराम के बीच हुए संवाद का प्रसंग आया, श्रद्धालु भक्ति और भावनाओं में डूब गए। कथा पंडाल में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। संत मुरलीधर जी महाराज ने कहा कि कभी-कभी भगवान को भी भक्तों से काम पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान और भक्त का संबंध किसी स्वार्थ पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। केवट के पास देने के लिए कोई धन-संपत्ति नहीं थी, लेकिन उसकी निष्कपट भक्ति और प्रभु के प्रति अटूट प्रेम इतना गहरा था कि स्वयं भगवान श्रीराम भी उसकी भावनाओं के सामने सहज भाव से झुक गए। संत मुरलीधर महाराज ने मेरी नैया में सीताराम, गंगा मैया धीरे बहो... भजन प्रस्तुत किया। भजन की मधुर प्रस्तुति से कथा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भी भक्ति में झूमते और भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते नजर आए। महाराज जी ने केवट द्वारा नाव को बार-बार घुमाने के प्रसंग को भी रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया।