धौलपुर में पुलिस ने गुरुवार रात नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। यहां पाम ऑयल और स्किम्ड मिल्क (मलाई रहित दूध) पाउडर से नकली दूध तैयार किया जा रहा था। रोजाना 12 हजार से 20 हजार लीटर मिलावटी दूध राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बड़े प्लांटों व डेयरियों में सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से 4 हजार लीटर क्षमता का टैंकर, भारी मात्रा में पाम ऑयल और मिल्क पाउडर जब्त किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी सहित तीन लोग फरार हैं। इनमें एक आरोपी पुलिस की पकड़ से छूटकर भाग गया। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने टैंकर में भरे संदिग्ध दूध को नष्ट करवाकर गोदाम को सील कर दिया है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दूध की सप्लाई के ठिकानों की जांच की जा रही है। एक आरोपी पुलिस से छूटकर भागा कोतवाली थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया- गुरुवार को वाटर वर्क्स चौराहे पर पुलिस गश्त कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गुर्जर कॉलोनी में जाहिद होटल के पीछे भागीरथ और उसके साथी लंबे समय से नकली दूध तैयार कर टैंकरों से धौलपुर के साथ यूपी और मध्य प्रदेश में सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस ने मकान पर दबिश दी। मौके पर दूध से भरा हुआ एक टैंकर मिला। फैक्ट्री में कई लोग काम करते दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही कुछ लोग पीछे के रास्ते से भाग गए। पुलिस ने राघवेंद्र उर्फ सोनू शर्मा निवासी दोनारी, रामू शर्मा (26) निवासी सादिकपुर और टैंकर ड्राइवर राजकुमार शर्मा (28) निवासी ओडेला को मौके से पकड़ लिया। इनमें राघवेंद्र पुलिस से हाथ छुड़ाकर भाग गया। वहीं, पुलिस के पहुंचने पर मुख्य आरोपी भागीरथ और उसका साथी हरिओम शर्मा फरार हो गए। हरिओम रेकी कर रहा था। पुलिस के अनुसार ड्राइवर ने बताया- टैंकर की क्षमता करीब 4 हजार लीटर है। वह भागीरथ के कहने पर दूध की सप्लाई करता था। थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया- प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह दूध बड़े प्लांटों में सप्लाई किया जाता था, जहां से डेयरियों को भेजा जाता था। भारी मात्रा में मिला पाम ऑयल और मिल्क पाउडर फैक्ट्री की तलाशी में न्यूट्रलप्लस पाम ऑयल से भरे 124 टिन और 60 खाली टिन मिले। करीब 40 कट्टे स्किम्ड मिल्क पाउडर, दो दर्जन खाली ड्रम, लिक्विड ग्लूकोस, दो बड़ी मशीन, दो गैस चूल्हे, दो सिलेंडर, जनरेटर और अन्य सामग्री मिली। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों ने पूछताछ में पिछले कई महीनों से इस काम में शामिल होने की बात बताई। 4000 लीटर दूध जंगल में खाली करवाया सूचना पर पहुंचे सीएमएचओ डॉ. धर्म सिंह मीणा और उनकी टीम ने टैंकर और फैक्ट्री में रखे दूध के सैंपल लिए। बाद में फूड इंस्पेक्टर पदम सिंह मौके पर पहुंचे और गोदाम को सील कर दिया। टैंकर में भरे 4000 लीटर दूध को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जंगल में खाली करवाया। रोज तीन से पांच टैंकर की होती है सप्लाई पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रोजाना तीन से पांच टैंकर नकली दूध की सप्लाई की जा रही थी। टैंकर को कागजात के अभाव में एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सागरपाड़ा चौकी पर खड़ा करवाया गया। पुलिस अब नकली दूध के कथित कारोबार से अर्जित धन, संपत्ति और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।