धौलपुर के राजाखेड़ा तहसील के गढ़ी जौनावद गांव में एक हाईवोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आने से 17 साल के कृष्णा की मौत हो गई थी। इस घटना को करीब 2 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक वह लाइन हटाई नहीं गई है। मृतक कृष्णा के पिता विजय सिंह ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही, रिश्वत मांगने और जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। विजय सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 9 जुलाई को राजाखेड़ा बिजली दफ्तर में सहायक अभियंता आनंद तिवारी को एक लिखित आवेदन दिया था। यह आवेदन हाईवोल्टेज लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए था। उनका आरोप है कि लाइन हटाने के बदले उनसे पैसे मांगे गए। पैसे नहीं देने पर यह काम आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके कुछ दिन बाद, 18 जुलाई को उनके 17 साल के बेटे कृष्णा की इसी लाइन से करंट लगने से मौत हो गई। जांच की मांग परिजनों ने बताया कि राजाखेड़ा के कनिष्ठ अभियंता ने 15 जुलाई को लाइन शिफ्टिंग का अनुमान (एस्टीमेट) तैयार करके सहायक अभियंता को भेजा था। शिकायत में आरोप है कि कृष्णा की मौत के बाद 20 जुलाई को सहायक अभियंता ने यह एस्टीमेट लिया। परिवार ने इसे जांच का अहम बिंदु बताते हुए रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की है। विभाग की रिपोर्ट में अवैध निर्माण की बात पर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर लाइन के नीचे अवैध निर्माण हो रहा था, तो मौके पर बनी रिपोर्ट में इसका साफ जिक्र क्यों नहीं किया गया। बाद में शिकायतकर्ता (विजय सिंह) के खिलाफ 181 या दूसरे तरीकों से अवैध निर्माण की शिकायत करने का भी आरोप है। परिवार ने इस शिकायत की असली कॉपी और रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी, विभाग ने नहीं दी विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने आरटीआई के जरिए लाइन शिफ्टिंग, विभाग की कार्रवाई और दूसरे जरूरी कागजात की जानकारी मांगी थी। लेकिन उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा, उन पर एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाने और मुआवजे की प्रक्रिया को रोकने का भी आरोप है। परिजनों ने कलेक्टर और एसपी से लाइन शिफ्टिंग आवेदन, एस्टीमेट, विभागीय रिपोर्ट, आरटीआई रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई की जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।