डीडवाना-कुचामन जिले के डीडवाना, कुचामन, लाडनूं और बोरावड़ नगर निकाय चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद किसी भी निकाय में एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। डीडवाना में कांग्रेस 16 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, कुचामन और लाडनूं में भी कांग्रेस सबसे आगे रही, जबकि बोरावड़ में भाजपा ने बढ़त बनाई। चारों जगह निर्दलीय पार्षदों की संख्या इतनी है कि बोर्ड गठन में उनकी भूमिका निर्णायक हो गई है। डीडवाना: कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, 14 निर्दलीय अहम डीडवाना नगर परिषद के 40 वार्डों में कांग्रेस ने 16 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जगह बनाई है। भाजपा को 9, आरएलपी को 1 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 14 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए जरूरी 21 सीटों का आंकड़ा कोई भी दल पार नहीं कर सका। ऐसे में अब बोर्ड गठन के लिए 14 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा। 6 राउंड में पूरी हुई मतगणना 9 सितंबर को 40 वार्डों के लिए मतदान के बाद सोमवार को डीडवाना के बांगड़ कॉलेज में मतगणना कराई गई। सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना 8 टेबलों पर 6 राउंड में पूरी हुई। सभी वार्डों के नतीजे आने के बाद साफ हो गया कि नगर परिषद की सत्ता के लिए किसी भी दल के पास अपने दम पर पर्याप्त संख्या नहीं है। कुचामन: कांग्रेस 17, भाजपा 15 पर डीडवाना-कुचामन जिले की कुचामन नगर परिषद के 45 वार्डों के परिणाम में भी किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि भाजपा ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की। 13 निर्दलीय प्रत्याशी भी विजयी हुए। यहां बहुमत के लिए 23 सीटों की जरूरत थी, लेकिन कोई दल यह आंकड़ा हासिल नहीं कर सका। ऐसे में बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। लाडनूं: कांग्रेस को बढ़त, निर्दलीयों पर नजर लाडनूं नगर पालिका के 45 वार्डों में कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे आगे रही। भाजपा को 15, आरएलपी को 1 और निर्दलीयों को 12 सीटें मिलीं। बहुमत का आंकड़ा 23 सीट था, जिसे कोई भी दल पार नहीं कर पाया। ऐसे में यहां भी बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अहम होगा। बोरावड़: भाजपा सबसे आगे, फिर भी बहुमत से दूर बोरावड़ नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। कांग्रेस को 4, आरएलपी को 2 और निर्दलीयों को 8 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 13 सीटों की जरूरत थी, लेकिन भाजपा दो सीट पीछे रह गई। लिहाजा यहां भी बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक रहेगी। अब निर्दलीयों पर टिकी बोर्ड की तस्वीर चारों निकायों के परिणामों में एक समान तस्वीर सामने आई है-किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। ऐसे में अब राजनीतिक दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर है। बोर्ड गठन से पहले समर्थन जुटाने की कवायद तेज होने और राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना है। खासकर डीडवाना के 14, कुचामन के 13, लाडनूं के 12 और बोरावड़ के 8 निर्दलीय पार्षद सत्ता के समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।