निकाय चुनावों के बाद प्रदेश में जहा हार और जीत की चर्चा हो रही है। मेयर, सभापति बनाने के समीकरण चल रहे है। इसी बीच डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 3 की चर्चा भी खूब हो रही है। इसकी वजह है एक महिला प्रत्याशी को मिला 0 वोट। भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की महिला प्रत्याशी आशा रोत को वार्ड 3 में 1 भी वोट नहीं मिला है। इसकी बड़ी वजह बाहरी प्रत्याशी होना। महिला प्रत्याशी अपना खुद का वोट भी नहीं दे सकी। साथ ही किसी ने उन्हें वोट नहीं किया। आशा रोत के नामांकन में प्रस्तावक ने भी उसे वोट नहीं किया। जबकि आशा का प्रस्तावक उसी वार्ड का था। खुद को भी वोट नहीं दे सकी आशा रोत वार्ड 3 की निवासी नहीं है, उनका वोट वार्ड 26 में है। बावजूद इसके उन्हे वार्ड 3 से टिकिट दे दिया गया। जिस वजह से वह खुद भी अपना वोट खुद को नहीं दे पाई और लोगों ने बाहरी प्रत्याशी को साफ नकार दिया। नोटा को भी आशा रोत से ज्यादा वोट मिले। वार्ड 3 में कांग्रेस की जसू बेन डोडा ने 430 वोट के साथ जीत दर्ज की। जबकि भाजपा प्रत्याशी को 302 वोट ही मिले। वही नोटा को 13 वोट मिले। उपसभापति की हार, भाजपा के ही बागी ने हराया डूंगरपुर नगर परिषद के और भी कई चौंकाने वाले रिजल्ट देखने को मिले। भाजपा के नगर परिषद उपसभापति रहे सुदर्शन जैन अपने ही पार्टी के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जैन से 282 वोट से हार गए। वही जीत के बाद निर्दलीय बागी लड़े सुनील जैन ने भाजपा को समर्थन दे दिया और वे भाजपा की बाड़ेबंदी में भी साथ चले गए। भाजपा के उपसभापति रहे सुदर्शन जैन बाहरी प्रत्याशी के रूप में वार्ड 31 में चुनाव लड़ रहे थे और उसका खामियाजा उन्हे हार से झेलना पड़ा।